दमोह में लोगों ने शिवराज के प्रचार का किया विरोध, तख्तियां दिखाकर पूछा- चुनाव में नहीं है कोरोना?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार की शाम दमोह के उमा मिस्त्री तलैया पर एक चुनावी सभा को संबोधित करने गए थे. यहां पहले से खड़े टेंट हाउस एसोसिएशन, डीजे संचालक समेत शादी कार्यक्रम से रोजगार पाने वाले लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने की बात कहकर नारेबाजी की.

दमोह में लोगों ने शिवराज के प्रचार का किया विरोध, तख्तियां दिखाकर पूछा- चुनाव में नहीं है कोरोना?

महेंद्र दुबे/दमोह:  मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है. जिसकी वजह से प्रदेश में कई गतिविधियों पर रोक भी लगी है. लेकिन दमोह में विधानसभा उपचुनाव की वजह से ये बंदिशे नहीं लागू हैं. जिसकी वजह से सरकार को विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है. ऐसा ही कुछ नजारा सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा में देखने को मिला. यहां टेंट कारोबारियों व उससे जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज को स्लोगन लिखी तख्तियां दिखाकर पूछा कि क्या चुनावी भीड़ पर कोरोना के नियम लागू नहीं होते हैं?  

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दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार की शाम दमोह के उमा मिस्त्री तलैया पर एक चुनावी सभा को संबोधित करने गए थे. यहां पहले से खड़े टेंट हाउस एसोसिएशन, डीजे संचालक समेत शादी कार्यक्रम से रोजगार पाने वाले लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने की बात कहकर नारेबाजी की. विरोध के दौरान लोगों ने चुनाव में नहीं है कोरोना, शादी विवाह में है रोना, चुनाव का बहिष्कार, पेट पर पड़ रही मार जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां भी मुख्यमंत्री को दिखाईं. हालांकि इस दौरान टेंट कारोबारियों को वहां से हटाने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ीं.

मुख्यमंत्री के चुनावी सभा का विरोध करने पहुंचे दमोह के टेंट व्यवसायी आदिल भारती ने बताया कि कोरोना के कारण सरकार की तरफ से शादी-विवाह और अन्य समारोहों में अतिथियों की संख्या सीमित कर दी गई है. 18 अप्रैल से राज्य सरकार की तरफ से लॉकडाउन जैसे नियमों को पालन कराया जाएगा. जिसकी वजह से लोग टेंट के ऑर्डर कैंसिल कर रहे हैं. इसकी वजह से उन्हें नुकसान हो रहा है. 

वहीं, दमोह के ही डीजे संचालक जितेंद्र ने कहा कि सरकार कारोबारियों के साथ दोहरा चरित्र अपना रही है. पिछले वर्ष शादी-विवाह के सीजन में भी लॉकडाउन की वजह से उनका व्यापार प्रभावित हुआ था. जिसकी वजह से उन्हें खाने के भी लाले पड़ गए थे. वहीं, इस बार भी 22 अप्रैल से शुभ-मुहूर्त शुरू हो रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार द्वारा 17 अप्रैल को वोटिंग के बाद पाबंदियां फिर से शुरू कर दी जाएंगी. इससे उन्हें फिर से नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इधर दमोह कोतवाली थाना प्रभारी एचआर पांडे ने कहा कि टेंट कारोबियों को सभा स्थल से हटाने के लिए किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया है. वहीं, दमोह में लॉकडाउन नहीं लगाने को लेकर सरकार का कहना है कि हमारे कार्यक्षेत्र में नहीं है. चुनाव आयोग तय करेगा क्या करना है.

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