)
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है. इस बीच अब सवाल उठने लगा है कि दतिया सीट पर उपचुनाव होगा या फिलहाल इस पर रोक लगेगी? इस बड़े राजनीतिक और कानूनी सवाल पर अब दिल्ली हाई कोर्ट फैसला करना है. दरअसल, को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद अपनी विधानसभा सदस्यता गंवा चुके कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने इसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
राजेंद्र भारती ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की है, जिसको लेकर बुधवार (8 जुलाई) को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान राजेंद्र भारती के वकीलों ने कोर्ट में करीब एक घंटे तक दलील दी. इसके बाद कोर्ट की कार्यवाही समाप्त हो गई और अब मामले में सरकारी पक्ष की सुनवाई गुरुवार यानी 9 जुलाई को होगी.
दतिया में उपचुनाव होगा या लगेगी रोक?
दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग के साथ ही राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक और याचिका दायर की है और उनकी अयोग्यता के कारण खाली हुई दतिया सीट पर फिलहाल उपचुनाव कराने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. इसके बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है.
दतिया में 30 जुलाई को वोटिंग और 3 अगस्त को नतीजे
बता दें कि चुनाव आयोग ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के तारीखों की घोषणा पहले ही कर चुका है. इसके अनुसार उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी हो चुकी है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई है और 14 जुलाई तक नामांकन पत्रों की जांच होगी. इसके बाद नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई है. उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और मतगणना 3 अगस्त को होगी.
राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 1 घंटे चली सुनवाई
राजेंद्र भारती की याचिका पर बुधवार (8 जुलाई) को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और उनके वकीलों ने करीब एक घंटे तक अपनी दलीलें रखीं. कोर्ट की कार्यवाही खत्म होने की वजह से सरकारी वकील अपना पक्ष नहीं रख पाएं और इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार (9 जुलाई) को होगी. सरकारी वकीलों की दलील सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में फैसला सुना सकता है.