छत्तीसगढ़ के बिना देश का विकास संभव नहीं: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

छत्तीसगढ़ के बस्तर ने अपने में परम्पराएं, कला और संस्कृतियां अब तक संजो कर रखी हैं. छत्तीसगढ़ और बस्तर में अपनों के बीच आकर मुझे बहुत अच्छा लगा.

छत्तीसगढ़ के बिना देश का विकास संभव नहीं: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
प्रशासन के लोगों ने भ्रमित युवाओं को भटकने से रोका है.

नई दिल्लीः अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डिमरापाल में 650 बिस्तरों की क्षमता वाले मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया और उसके बाद जन सभा को संबोधित किया. जय जोहार बोलते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संबोधन की शुरुआत की. इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने बस्तर की परम्पराओं, कला और संस्कृतियों की तारीफ की और कहा कि "छत्तीसगढ़ के बस्तर ने अपने में परम्पराएं, कला और संस्कृतियां अब तक संजो कर रखी हैं. छत्तीसगढ़ और बस्तर में अपनों के बीच आकर मुझे बहुत अच्छा लगा. मुझे बहुत मन था कि मैं अपने कार्यकाल का एक बरस अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ बिताऊं इसीलिए मैंने सीएम रमन सिंह का निमंत्रण स्वीकार किया."

जीना उसी का जीना है जो औरों के लिए जीता है
उन्होंने आगे कहा कि "मैं 16 साल पहले भी बस्तर आया था, लेकिन तब के बस्तर और आज के बस्तर में विकास के पैमाने पर जमीन-आसमान का फर्क है. स्वामी विवेकानंद जी कहते थे कि जीना उसी का जीना है जो औरों के लिए जीता है. यहां के आदिवासी-भाई बहनों ने वो कर दिखाया है. यहां की संस्कृति ने अतिथि देवो भव की परम्परा को आज भी सहेज कर रखा है."

मैंने 2 दिन में बदलता हुआ बस्तर देखा है
जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि "आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले भाई-बहन आज विकास की नई गाथा लिख रहे हैं. मैंने 2 दिन में बदलता हुआ बस्तर देखा है. यहां हवाई यात्रा की सेवा, मेडिकल सेवा, इंटरनेट और शिक्षा जैसे तमाम मूलभूत सुविधाएं बेहतर हो गयी हैं. मैं सीएम रमन सिंह को इसके लिए बधाई देता हूं. पूरी सरकार को बधाई देता हूं. छत्तीसगढ़ के विकास से ही देश का विकास है."

हिंसा के लिए कहीं कोई स्थान नहीं
छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि "स्वर्गीय कुंवर बाई ने बकरी बेचकर शौचालय बनाकर कुंवर बाई ने देश के लिए मिसाल पेश की है." वहीं नक्सलवाद के मामले पर राष्ट्रपति कोविंद ने विरोध जाहिर करते हुए कहा कि "हिंसा के लिए कहीं कोई स्थान नहीं है. प्रशासन के लोगों ने भ्रमित युवाओं को भटकने से रोका है. सरकार की इस दिशा में काम की तारीफ करता हूं और नक्सल मोर्चा पर शहीद जवानों को नमन करता हूं."

राष्ट्रपति कोविंद के संबोधन की खास बातें...
- कारगिल दिवस पर आज मैं सेना के परिजनों को भी सलाम करता हूं
- हम चैन की नींद सो पाते हैं क्योंकि हमारे देश के जवान दुर्गम जगहों पर तैनात हैं
- हिमा दास और इंदु मानिकपुरी जैसी हिम्मत सभी बालिकाओं में है, बालिकाएं देश का नाम रौशन करेंगी.
- स्काई योजना इस क्षेत्र के विकास को नया आयाम देगा.
- हमने राष्ट्रपति भवन में भी बस्तर आर्ट लगाया है.