जबलपुर: माँ नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, किया दान पुण्य

ठंड पर आस्था भारी नजर आई, 7 डिग्री तापमान में श्रद्धालुओं ने भक्ति में सराबोर हो मां नर्मदा में डुबकी लगाई और सूर्य नारायण को अर्घ्य दिया.

जबलपुर: माँ नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, किया दान पुण्य
आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु

कर्ण मिश्रा/जबलपुर: भगवान सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है, जिसके चलते इसे मकर संक्रांति कहा जाता है. यह पर्व संस्कारधानी में धूमधाम से मनाया गया. सुबह सूर्योदय के साथ ही नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी जिसने नर्मदा में स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि के लिए कामना की. धार्मिक मान्यता है कि जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में जाते हैं तब यह पर्व मनाया जाता है, और इसीलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है.

सूर्य देव की दिशा बदलने के साथ ही लोगों के जीवन में भी भगवान सूर्य शांति प्रदान करते हैं. जबलपुर के ग्वारीघाट तट पर लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर संक्रांति पर्व मनाया और तिल का दान किया. परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने न सिर्फ अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की बल्कि सभी धर्म और समाज के लोगों के लिए भगवान से आशीर्वाद भी मांगा. संक्रांति पर ठंड का भी कुछ खास असर नही दिखाई दिया. ठंड पर आस्था भारी नजर आई, 7 डिग्री तापमान में श्रद्धालुओं ने भक्ति में सराबोर हो मां नर्मदा में डुबकी लगाई और सूर्य नारायण को अर्घ्य दिया.

प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, निगम द्वारा भी सभी तरह की आवश्यकत व्यवस्थाओं को लेकर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. होमगार्ड के जवान पूरे समय नर्मदा नदी में गश्त करते दिखे, वहीं नाविकों को भी घाट के किनारे तैनात किया गया. जिससे किसी प्रकार की अनहोनी न हो. घाट पर पंड़ितों-पुजारियों ने श्रद्धालुओं से विधि-विधान से सूर्य और भगवान शिव का पूजन करवाया और उन्हें इस पर्व का महत्व भी बताया.