आकाश का उदाहरण देकर बोले दिग्विजय- RSS और BJP की वजह से बढ़ रही हैं मॉब-लिंचिंग की घटनाएं

 'मॉब लिंचिंग के दो कारण हैं. पहला कि लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता है, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ जाता है और वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे बैठते हैं. दूसरा कारण है बीजेपी और आरएसएस की मानसिकता.'

आकाश का उदाहरण देकर बोले दिग्विजय- RSS और BJP की वजह से बढ़ रही हैं मॉब-लिंचिंग की घटनाएं
'भाजपा में सिखाया जाता है कि पहले आवेदन करो, फिर निवेदन और बात न बने तो फिर दे दनादन': दिग्विजय सिंह (फोटो साभारः ANI)
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नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को निशाने पर लिया है. इंदौर में भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम के अधिकारी की बैट से पिटाई करने के मामले का उदाहरण देते हुए दिग्विजय सिंह ने भाजपा की मानसिकता पर सवाल उठाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए भाजपा और आरएसएस की मानसिकता को मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि 'मॉब लिंचिंग के दो कारण हैं. पहला कि लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता है, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ जाता है और वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे बैठते हैं. दूसरा कारण है बीजेपी और आरएसएस की मानसिकता.' इंदौर में आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम अधिकारी की पिटाई करने वाले मामले को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि 'आकाश विजयवर्गीय को ही देख लीजिए, उन्होंने कहा था कि हमें सिखाया जाता है कि पहले आवेदन, फिर निवेदन और अंत में दे दनादन. यह भाजपा और आरएसएस की ही मानसिकता है.'

जिस जर्जर मकान के पीछे आकाश विजयवर्गीय ने निगम अधिकारी पर चलाया था बैट, वह आज हो गया ध्वस्त

बता दें आकाश विजयवर्गीय ने बीते 26 जून को एक नगर निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस की बैट से पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उन्हें 4 दिनों तक जेल में समय काटना पड़ा था. दरअसल, नगर निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस अपनी टीम के साथ इंदौर के एक जर्जर मकान को गिराने गए थे. इसी दौरान भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय वहां पहुंचे और टीम को बगैर कार्रवाई किए जाने के लिए कहने लगे, लेकिन अधिकारियों ने भाजपा विधायक की नहीं सुनी और कार्रवाई जारी रखी. जिसके बाद गुस्साए आकाश विजयवर्गीय ने अधिकारी की बैट से पिटाई कर दी. जिसके बाद इस मामले को लेकर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. यहां तक की PM मोदी ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जाहिर की थी.