अदनान सामी को पद्मश्री देने का दिग्विजय सिंह ने किया स्वागत, कांग्रेस ने किया विरोध

दिग्विजय सिंह ने अदनान सामी को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर खुशी जताई है. वहीं कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिर ने इसका विरोध किया है.

अदनान सामी को पद्मश्री देने का दिग्विजय सिंह ने किया स्वागत, कांग्रेस ने किया विरोध
दिग्विजय सिंह (L) और जयवीर शेरगिल.

भोपाल: मशहूर सिंगर अदनान सामी (Adnan Sami) को पद्मश्री (Padmashree) सम्मान दिए पर कांग्रेस पार्टी में विरोध और समर्थन दोनों ही स्वर सुनाई पड़ रहे हैं. एक ओर कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने अदनान सामी को पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने का विरोध किया है, तो दूसरी ओर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने उनका समर्थन किया है.

दिग्विजय सिंह ने अदनान सामी को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर खुशी जताई है. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया,'पद्म पुरस्कार के लिए चुने गए सभी लोगों को बधाई. मुझे खुशी है कि प्रसिद्ध गायक एवं संगीतकार और पाकिस्तानी मुसलमान प्रवासी अदनान सामी को भी पद्मश्री दिया गया है. मैंने उनके केस को भारत सरकार के सामने रखा था और उन्हें भारतीय नागरिकता दिए जाने की सिफारिश की थी. मोदी सरकार ने उन्हें भारतीय नागरिकता दी.'

अपने अगले ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने सवाल किया, 'भारत सरकार को भारतीय नागरिकता चाहने वाले हर धर्म के किसी भी व्यक्ति को नागरिकता देने का पूरा अधिकार है. तो फिर कैब/सीएए क्यों? केवल भारतीय राजनीति का ध्रुवीकरण करने के लिए. यदि पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश में उत्पीड़न का शिकार हुआ उच्च प्रतिष्ठा वाला कोई व्यक्ति भारतीय नागरिकता चाहता है, तो भारत सरकार फिर क्या करेगी?'

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने अदनान सामी को पद्मश्री से नवाजे जाने पर तंज कसते हुए कहा था कि यह प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाने के लिए ‘भाजपा सरकार की चमचागिरी’ नया मानदंड बन गया है. उन्होंने यह सवाल भी किया कि ऐसा क्यों हुआ कि करगिल युद्ध में शामिल हुए सैनिक सनाउल्लाह को ‘घुसपैठिया’ घोषित कर दिया गया.

जबकि उन अदनान सामी को पद्म सम्मान दिया जा रहा है जिनके पिता ने पाकिस्तानी वायुसेना में रहकर भारत के खिलाफ गोलाबारी की थी? कांग्रेस के अलावा राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने का विरोध किया है. एमएनएस ने कहा है कि आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि भारत की नागरिकता मिलने के 4 साल के भीतर ही अदनान सामी को पद्मश्री से नवाजा गया.