दिग्विजय सिंह ने सिंधिया परिवार पर बोला हमला, गांधी की हत्या से जोड़े तार

गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या की थी. वह परचुरे कौन था इस पर कुछ और ज्यादा शोध करने की जरूरत है.

दिग्विजय सिंह ने सिंधिया परिवार पर बोला हमला, गांधी की हत्या से जोड़े तार
फाइल फोटो

भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने ग्वालियर को अपने निशाने पर लिया है. गौरतलब है कि ग्वालियर के राजघराने का संबंध सिंधिया परिवार से है. ऐसे में ये माना जा रहा है कि दिग्गी राजा ने सीधे सिंधिया परिवार को निशाने पर लिया है, हालांकि उन्होेंने राजमाता सिंधिया के प्रति अपना सम्मान भी दर्शाया है.  दिग्विजय ने ट्वीट करके कहा, 'वह रिवॉल्वर भी ग्वालियर के एक परचुरे ने दी थी जिससे गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या की थी. वह परचुरे कौन था इस पर कुछ और ज्यादा शोध करने की जरूरत है.' दिग्विजय सिंह ने ट्वीट में जिन परचुरे का नाम लिया, उनका पूरा नाम डॉ. डी.एस.परचुरे था. वह ग्वालियर में एक हिंदू संगठन के प्रमुख थे.

दिग्विजय ने दूसरे ट्वीट में एक कांग्रेस समर्थक के ट्वीट पर जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'सिंधिया जी का परिवार 1957 तक हिंदू महासभा के साथ था. पंडित नेहरू स्वर्गीय राजमाता विजया राजे सिंधिया को कांग्रेस में लेकर आए. वह 1957 और 1962 में कांग्रेस पार्टी की सांसद बनीं और उन्होंंने 1967 में कांग्रेस छोड़ दी. उनका व्यक्तित्व शानदार था और मेरे मन में उनके लिए अत्यधिक सम्मान है.'

ये भी पढ़ें- सिंधिया पर खुलकर सामने आई कांग्रेस, लिस्ट जारी कर बताया, इतने सालों में उन्हें क्या-क्या दिया

आपको बता दें कि कमलनाथ सरकार के 6 मंत्रियों समेत कुल 22 विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के तुरंत बाद ही कांग्रेस को अलविदा कह दिया था. इसके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है. मंगलवार को भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में निर्दलीय समेत कुल 94 विधायक ही शामिल हुए थे.

सिंधिया समर्थक विधायक बनेंगे मध्य प्रदेश में मंत्री
मध्य प्रदेश में बहुमत के लिए अब 104 विधायकों की जरूरत है. क्योंकि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा की सदस्य संख्या 230 से घटकर 206 ही रह गई है. आपको बता दें कि 2 विधायकों की सीटें उनके देहांत के बाद खाली हैं जहां उपचुनाव होने हैं. सूत्र बता रहे हैं कि इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थक विधायकों में से 5 से 7 को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मंत्री पद दिया जा सकता है. शिवराज सिंह चौहान की एक बार फिर से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी हो सकती है.

भाजपा ने अपने विधायकों को भोपाल से बाहर भेजा इस बीच भाजपा ने अपने 106 विधायकों को भोपाल से हरियाणा के मानेसर भेज दिया है. सिंधिया समर्थक 19 विधायकों को भी बेंगलुरु से दिल्ली लाए जाने की संभावना है. जहां से फ्लोर टेस्ट के लिए उनको भोपाल लाया जा सकता है. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में 26 मार्च को तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं. कांग्रेस ने भी अपने बचे हुए सभी विधायकों को मध्य प्रदेश से बाहर जयपुर भेज दिया है. 

ये वीडियो भी देंखे-