दीपक बाबरिया की जगह मुकुल वासनिक MP कांग्रेस के प्रभारी, इस वजह से दिया था इस्तीफा

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि दीपक बाबरिया के इस्तीफे के कई मायने हैं. जिसमें सबसे प्रमुख कारण ये है कि बाबरिया गुटबाजी को खत्म करने में नाकाम रहे.

दीपक बाबरिया की जगह मुकुल वासनिक MP कांग्रेस के प्रभारी, इस वजह से दिया था इस्तीफा
मुकुल वासनिक का फाइल फोटो

भोपाल: मध्य प्रदेश में सत्ता के बेदखल होने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस में संगठन स्तर पर बदलाव शुरू हो गया है. कांग्रेस हाईकमान ने दीपक बाबरिया का प्रदेश प्रभारी पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया है. दीपक बाबरिया की जगह मुकुल वासनिक को प्रदेश प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

गौरतलब है कि दीपक बाबरिया का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया जब कांग्रेस को आने वाले वक्त में मध्य प्रदेश की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव का सामना करना है. उन्होंने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया. बता दें कि सितंबर 2017 में मोहन प्रकाश की जगह दीपक बाबरिया को प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था.

क्या हैं दीपक बाबरिया के इस्तीफे के मायने?
राजनीतिक जानकार बताते हैं कि दीपक बाबरिया के इस्तीफे के कई मायने हैं. जिसमें सबसे प्रमुख कारण ये है कि बाबरिया गुटबाजी को खत्म करने में नाकाम रहे. यही वजह रही कि कमलनाथ सरकार मध्य प्रदेश में टिक नहीं पाई. कार्यकर्ताओं, नेताओं के असंतोष को भी बाबरिया दूर नहीं कर पा रहे थे. रीवा दौरे और पीसीसी में बैठक के दौरान भी बाबरिया के खिलाफ नाराजगी दिखी थी. वो सिंधिया खेमे की गुटबाजी, नाराजगी भी नहीं भांप सके. बताया जाता है कि बाबरिया मध्य प्रदेश में नेताओं के बीच एडजस्ट भी नहीं हो पा रहे थे. उनकी कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अजय सिंह और अरुण यादव के साथ तालमेल नहीं बैठ रहा था. बावरिया की कार्यशैली से दिग्गज कांग्रेसी भी थे नाखुश.

मुकुल वासनिक की खासियतें
अब मध्य प्रदेश प्रभारी का दायित्व संभालने वाले मुकुल वासनिक की कई खास बाते को ध्यान में रखते हुए ये जिम्मेदारी दी गई है. उनके पहले से ही सभी गुटों के साथ गहरे ताल्लुकात हैं. एमपी में नई पीढ़ी और दिग्गजों के साथ बराबर संबंध हैं. राजनीतिक जानकार का मानना है कि राहुल, सोनिया कैंप और कमलनाथ के बीच बेहतर तालमेल बना सकेंगे. वासनिक तेजतर्रार रणनीतिकार के साथ आक्रामक नेता के रूप में जाने जाते हैं. उनके आने से अब एमपी कांग्रेस के युवा और दूसरी-तीसरी पंक्ति के नेताओं में उत्साह आएगा.

बीजेपी ने साधा निशाना
दीपक बाबरिया के हटने पर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी महासचिव के नाते बाबरिया की बात सुनी नहीं जाती थी. कमलनाथ ही यहां कांग्रेस में रमे हैं. लमुकुल वासनिक कितना कर पाएंगे ये भविष्य की बात है.