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डिंडौरी: OPD से पहले नर्स और डॉक्टर भरते हैं सड़क के गड्ढे, जानें क्या है पूरा मामला

स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें सड़कों का गड्ढा भरते देख कहीं प्रशासन एवं सड़क निर्माण ठेकेदार की नींद टूट जाये.

डिंडौरी: OPD से पहले नर्स और डॉक्टर भरते हैं सड़क के गड्ढे, जानें क्या है पूरा मामला
महिला कर्मचारियों का कहना है कि रोज इस ख़राब से होकर सैंकड़ों स्कूली बच्चे एवं वाहन गुजरते हैं. कई बार तो एम्बुलेंस तक बड़े बड़े गड्ढों में फंस जाती है.

डिंडौरी: मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के अमरपुर में सड़क ठेकेदार की मनमानी से तंग आकर स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों ने खुद सड़क के गड्ढों को भरने का फैसला लिया है. नर्स से लेकर महिला डॉक्टर तक खुद हाथों में कुदाल, फावड़ा और तसला लेकर रोज सड़क में बड़े-बड़े गड्ढों को भरते हुये नजर आते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि सुबह ओपीडी के निर्धारित समय के ठीक एक घंटे पहले तक स्वास्थ्य विभाग की ये महिला कर्मचारी खस्ताहाल सड़क की मरम्मत करते हैं और फिर निर्धारित समय में अस्पताल पहुंचकर अपनी ड्यूटी भी निभाते हैं. 

स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें सड़कों का गड्ढा भरते देख कहीं प्रशासन एवं सड़क निर्माण ठेकेदार की नींद टूट जाये और जल्द से जल्द सड़क निर्माण का काम शुरू हो जाये. वहीं, स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी महिला कर्मचारियों की इस अनूठी पहल की सराहना कर रहे हैं. साथ ही सड़क निर्माण में चल रही लेटलतीफी को लेकर नाराजगी भी व्यक्त कर रहे हैं. कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम अपनी नाकामियों को छिपाने स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों को धन्यवाद देते नजर आ रहे हैं. साथ ही सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की बात कर रहे हैं.

महिला डॉक्टर की मानें तो सड़क में गड्ढे के कारण एकबार वो स्कूटी से गिर गई थी और उनका पैर फ्रैक्चर हो गया था. उनके जैसे कोई और हादसे का शिकार न हो इसलिये उन्होंने अपने स्टॉफ के साथ मिलकर यह पहल की है. महिला कर्मचारियों का कहना है कि रोज इस ख़राब से होकर सैंकड़ों स्कूली बच्चे एवं वाहन गुजरते हैं. कई बार तो एम्बुलेंस तक बड़े बड़े गड्ढों में फंस जाती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण कंपनी ने पुरानी सड़क और पुलों को खोदकर अलग कर दिया है. एक साल का लंबा वक्त गुजरने के बाद भी सड़क निर्माण नहीं किया जा रहा है. जिसके कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, हादसों एवं शिकायतों के बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कैबिनेट मंत्री महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के इस अनूठी पहल की जमकर सराहना तो कर रहे हैं. लेकिन, शायद उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास नहीं है. तभी तो महिलों को हाथ में कुदाल और फावड़ा उठाने के लिये मजबूर होना पड़ा है. मंत्री मरकाम अब सड़क निर्माण में हो रही लेटलतीफी को लेकर जांच और कार्यवाही की बात कर रहे हैं. अब देखना दिलचस्प यह है कि महिला कर्मचारियों की ये मेहनत कब रंग लाती भी है या नहीं.