MP: स्कूल में फीस न चुकाने पर मिलते थे ताने, मांगने पर डांटते थे परिजन, छात्रा ने उठा लिया ये कदम

आदिवासी परिवार से आने वाली छात्रा 12वीं की स्टूडेंट है. जो कर्रापुर हायर सेकेंडरी में पढ़ती है. 

MP: स्कूल में फीस न चुकाने पर मिलते थे ताने, मांगने पर डांटते थे परिजन, छात्रा ने उठा लिया ये कदम
फिलहाल पुलिस ने छात्रा को समझाने के बाद उसे उसके परिजनों के पास छोड़ दिया है.

भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर में घर से भागी एक आदिवासी छात्रा की दुख भरी दास्तां ने सिस्टम पर कई सवाल खड़े किए हैं. क्या सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है. क्या घोषणाएं महज कागज़ी होती हैं और कुछ नहीं. दरअसल, सागर में पुलिस को 12वीं की एक छात्रा मिली है. जो स्कूल फीस न होने के चलते घर से भाग गई थी. रोते-रोते छात्रा ने बताया कि फीस के लिए उसे हर रोज स्कूल में ताने और डांट सुननी पड़ती थी. वहीं, घर में फीस मांगने पर परिजन डांटते थे. जिससे तंग आकर उसने घर से भागने का मन बनाया.

आदिवासी परिवार से आने वाली छात्रा 12वीं की स्टूडेंट है. जो कर्रापुर हायर सेकेंडरी में पढ़ती है. छात्रा गरीब घर से आती है. छात्रा के पास न तो स्कूल ड्रेस है और ना ही स्कूल शूज. छात्रा ने बताया कि वो घर में बिना किसी को बताए कर्रापुर से 10 किलोमीटर दूर लिधौरा स्टेशन जाकर बैठ गई थी. जहां पुलिस ने उससे बात की और सानोधा थाना पुलिस को छात्रा के बारे में बताया. जिसके बाद छात्रा को उसके परिजनों तक पहुंचाया गया.

फिलहाल पुलिस ने छात्रा को समझाने के बाद उसे उसके परिजनों के पास छोड़ दिया है. लेकिन, इस घटना से कई सवाल भी खड़े होते हैं. आखिर, जब छात्रा आदिवासी परिवार से है, तो उसे आदिवासी छात्राओं के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है. क्यों स्कूल में बार-बार छात्रा को फीस और ड्रेस के लिए परेशान किया जा रहा है.