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खंडवा: अचानक जमीन के अंदर होने लगे धमाके, दीवारों में पड़ी दरार, ग्रामीणों में फैली दहशत

 गांव में जमीन के अंदर से गड़गड़ाहट पिछले 3 दिनों से हो रही थी. फिलहाल गांव के लोग अपने घरों के अंदर जाने को तैयार नहीं हो रहे हैं.

खंडवा: अचानक जमीन के अंदर होने लगे धमाके, दीवारों में पड़ी दरार, ग्रामीणों में फैली दहशत
करीब 8 से 10 साल पहले खंडवा के पंधाना ब्लॉक में कुछ गांव ऐसे थे, जहां पर लगातार इस तरह की भूगर्भीय हलचल और गड़गड़ाहट होती थी.

खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा (Khandwa) के गोकुल गांव में बीती मंगलवार रात जमीन के अंदर जोरदार धमाके (Geothermal Movement) से हड़कंप मच गया. इस दौरान लोगों के घरों में रखे बर्तन गिर गए और कुछ घरों की दीवारों में दरारें आ गईं. जमीन के अंदर हो रही हलचल और धमाकों से लोग दहशत में आ गए हैं. ग्रामीण इसे भूकंप के झटके समझ रहे थे, लेकिन खंडवा से पहुंचे अनुविभागीय अधिकारी ने साफ इंकार कर दिया कि यह भूकंप जैसी कोई चीज नहीं है. रिएक्टर स्केल पर भी ऐसी कोई फ्रीक्वेंसी दर्ज नहीं हुई है. प्रशासन ने इस घटना के बारे में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के नागपुर कार्यालय में सूचित किया है. जल्दी ही नागपुर से वैज्ञानिकों की टीम यहां का दौरा करेगी. उसके बाद ही इस भूगर्भीय हलचल का सही कारण पता चल सकेगा.

दरअसल, खंडवा से लगभग 10 किलोमीटर दूर गोकुल गांव है. इस गांव में पिछले 3 दिनों से क्षेत्र में जमीन के अंदर से गड़गड़ाहट की आवाज आ रही थी. कुछ स्थानों पर जमीन के अंदर से कीचड़ भी बाहर निकल रहा है. जमीन दलदली हो गई. ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को दी थी. अफसरों ने भी मौका मुआयना करते हुए इसे सामान्य भूगर्भीय हलचल बताया. हालांकि, मंगलवार रात को यह गड़गड़ाहट इतनी जोर से हुई कि लोगों के घरों की दीवारों में दरारें आ गईं. 

वहीं, ग्रामीणों की सूचना पर खंडवा से अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस की एक टीम गोकुल गांव पहुंची. ग्रामीणों ने इन्हें वह जगह भी बताई, जहां से कीचड़ बाहर निकल रहा है. इस मामले पर अनुविभागीय अधिकारी का कहना है कि यह भूगर्भीय हलचल है, लेकिन भूकंप बिल्कुल नहीं है. अनुविभागीय अधिकारी ने ग्रामीणों को समझाया कि नागपुर में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों को सूचना दे दी गई है और जल्दी ही वह इस क्षेत्र का दौरा करने आएंगे.

बता दें कि करीब 8 से 10 साल पहले खंडवा के पंधाना ब्लॉक में कुछ गांव ऐसे थे, जहां पर लगातार इस तरह की भूगर्भीय हलचल और गड़गड़ाहट होती थी. तब भी वैज्ञानिकों की टीम ने यहां पर दौरा किया था. यही बात सामने आई थी कि इस क्षेत्र में जमीन के अंदर चूने की चट्टाने हैं. यह चट्टानें जब पानी से क्रिया करके पिघलती हैं, तो गैस इसी तरह की गड़गड़ाहट के रूप में बाहर निकलती है.

गौरतलब है कि गांव में जमीन के अंदर से गड़गड़ाहट पिछले 3 दिनों से हो रही थी. फिलहाल गांव के लोग अपने घरों के अंदर जाने को तैयार नहीं हो रहे हैं. जमीन के अंदर हो रही हलचल से ग्रामीण और प्रशासन दोनों ही परेशान हो गए हैं.