मंदसौर: कृषि उपज मंडी में किसानों को 5 रुपये में मिलता है घर जैसा खाना

कृषि उपज मंडी मंदसौर के प्रबंधक सचिव जेके चौधरी बताते हैं कि मंदसौर कृषि उपज मंडी में बालाजी भोजनालय के नाम से कृषि उपज मंडी समिति भोजनालय चलाती है.

मंदसौर: कृषि उपज मंडी में किसानों को 5 रुपये में मिलता है घर जैसा खाना
कृषि उपज मंडी की तरफ से प्रति व्यक्ति 10 रुपये का योगदान दिया जाता है. बाकी पैसा कृषि उपज मंडी में बिखरी फसलों को इकठ्ठा कर बेची गई राशि से समायोजित किया जाता है.

मनीष पुरोहित/मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक भोजनालय ऐसा है, जहां महज 5 रुपये में भरपेट भोजन करवाया जाता है. कृषि उपज मंडी मंदसौर में स्थित इस भोजनालय में रोजाना 200 से 300 किसान भोजन करते हैं. किसानों से 5 रुपये लिए जाते हैं. जबकि, कृषि उपज मंडी की तरफ से प्रति व्यक्ति 10 रुपये का योगदान दिया जाता है. बाकी पैसा कृषि उपज मंडी में बिखरी फसलों को इकठ्ठा कर बेची गई राशि से समायोजित किया जाता है. इस भोजनालय में गर्मागर्म घर जैसा भोजन कर किसान प्रसन्नता का अनुभव करते हैं.
 
किसान हीरालाल बताते हैं कि बाजार में भोजन करने पर 50 से 100 रुपये प्रति व्यक्ति भुगतान करना पड़ता है. वहीं, कृषि उपज मंडी स्थित इस भोजनालय में महज 5 रुपये में सात्विक और अच्छा भोजन मिलता है. इस सुविधा से किसानों को काफी लाभ हो रहा है. किसान आशीष माली बताते हैं कि वे लदुना से अपनी फसल बेचने मंदसौर कृषि उपज मंडी में आए. यहां पर 5 रुपये में उन्हें अच्छा भोजन प्राप्त हुआ. खाने में दाल, कढ़ी, सब्जी समेत बढ़िया घर जैसा भोजन मिलता है.

कृषि उपज मंडी मंदसौर के प्रबंधक सचिव जेके चौधरी बताते हैं कि मंदसौर कृषि उपज मंडी में बालाजी भोजनालय के नाम से कृषि उपज मंडी समिति भोजनालय चलाती है. जिसमें किसानों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जाता है. किसानों से 5 रुपये लिए जाते हैं. जबकि 10 रुपये कृषि उपज मंडी समिति मिलाती है और बाकी पैसा कृषि उपज मंडी में किसानों की ढेर उठने के बाद बिखरी थोड़ी-थोड़ी फसल को एकत्रित कर उन्हें बेचकर आई राशि से समायोजित किया जाता है. इस भोजनालय में भोजन की क्वालिटी की मॉनिटरिंग वे खुद करते है और कभी कभी वे भी यहां भोजन करते हैं.