सफेद सोने की बारिशः 70 साल में पहली बार आई बंपर कपास, 4 दिन के लिए मंडी ही 'क्लोज' हो गई

बंपर आवक की वजह से आगामी 30 नवंबर तक मंडी में कपास की खरीदी बंद करने का फैसला लिया गया. आजादी के बाद यह पहला ऐसा मौका है जब कपास की बंपर आवक होने की वजह से मंडी बंद करनी पड़ी है.

सफेद सोने की बारिशः 70 साल में पहली बार आई बंपर कपास, 4 दिन के लिए मंडी ही 'क्लोज' हो गई
खंडवा मंडी में कपास बेचते किसान
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प्रमोद सिन्हा/खंडवा: अनाज मंडी में बंपर आवक से 30 नवंबर तक मंडी में कपास खरीदी बंद कर दी गई. वर्षों बाद यह पहला ऐसा मौका है जब मंडी में कपास की बंपर आवक आ रही है. खंडवा में कपास की अधिकांश खरीदी भारतीय कपास निगम (CCI) कर रहा है. बंपर आवक की वजह से रखने जगह नहीं है. यही कारण है कि आगामी 30 नवंबर तक मंडी में कपास की खरीदी बंद करने का फैसला लिया गया. आजादी के बाद यह पहला ऐसा मौका है जब कपास की बंपर आवक होने की वजह से मंडी बंद करनी पड़ी है.

मानसूनी बारिश से निकला सफेद सोना
निमाड़ क्षेत्र के  खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी जिलों में कपास खूब पैदा होता है. इस बार अच्छी मानसूनी बारिश होने के कारण कपास की फसल बहुत अच्छी हुई है. साथ ही किसानों को कपास के भाव भी अच्छे मिल रहे हैं. यही कारण है कि मंडियों में बड़ी संख्या में कपास बेचने के लिए किसान आ रहे हैं. उनके लिए यह किसी सफेद सोने से कम नहीं है.

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700 वाहन और बैलगाड़ियों में भरकर आई कपास
खंडवा मंडी में 700 वाहन और बैल गाड़ियों में किसान कपास बेचने आए तो मंडी खचाखच भरा गई. बुधवार  शाम 5:00 बजे तक नीलामी होने के बाद लगभग डेढ़ सौ वाहनों की नीलामी रोक दी गई. मंडी अधिकारियों का कहना है कि इतनी बंपर आवक आजादी के बाद पहली बार दिखाई दी है. 

कपास रखने की जगह नहीं बची
मंडी कर्मचारी नारायण दशोरे ने बताया कि बुरहानपुर जिले में सीसीआई द्वारा खरीदी न होने के कारण भी वहां के किसान खंडवा मंडी में आ रहे हैं. कपास का 60% से ज्यादा माल सीसीआई खरीदी करती है. सीसीआई के पास अब कपास रखने की जगह नहीं बची है यही कारण है कि मंडी में कपास की खरीदी 30 नवंबर तक बंद कर दी गई है.

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कपास की फसल से पट गई 35 एकड़ की मंडी
खंडवा मंडी में आने वाले कपास का लगभग 70 फीसदी भारतीय कपास निगम (CCI) खरीदता है. सीसीआई के भाव अच्छे होने की वजह से व्यापारियों का झुकाव अच्छा रहता है. देवउठनी ग्यारस से शादी का सीजन शुरू होने, लॉकडाउन का डर सताने और ऊंचे भाव मिलने के कारण लगभग सभी किसान जल्दी से अपना माल बेचना चाहते हैं. यही कारण है कि 35 एकड़ में फैली मंडी में चारों तरफ कपास ही कपास दिखाई दे रहा था. सीसीआई केंद्र प्रभारी दिनेश पाटीदार का कहना है कि अभी तक 50000 क्विंटल कपास खरीद चुके हैं और 30 तारीख के बाद भी उनकी खरीदी जारी रहेगी.

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