MP: खरमेर नदी पर बन रहे बांध के खिलाफ धरने पर बैठे किसान, मंत्री पर लगाए ये गंभीर आरोप

जिला प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सैंकड़ों किसान बांध निर्माण का विरोध करते हुये खेत में ही तंबू तानकर धरने पर बैठ गये हैं. 

MP: खरमेर नदी पर बन रहे बांध के खिलाफ धरने पर बैठे किसान, मंत्री पर लगाए ये गंभीर आरोप

डिंडौरी: मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में अंडई समेत कई गांवों के किसान बांध निर्माण का विरोध करते हुये धरने पर बैठ गये हैं. किसानों का आरोप है कि रात के अंधेरे में प्रशासन ने मंत्री ओमकार मरकाम से बांध निर्माण का भूमिपूजन करवाते हुए खेतों में लगी खड़ी फसल पर बुलडोजर चलवा दिया. किसानों को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी वे लामबंद होकर मौके पर पहुंचे. उन्होंने बांध निर्माण का काम बंद करा दिया और खेतों पर ही 8 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं. किसानों का कहना है कि वे अपनी जान दे देंगे लेकिन, बांध के लिए अपनी जमीन किसी कीमत पर नहीं देने वाले हैं. 

दरअसल समनापुर विकासखंड के अंडई गांव में खरमेर नदी पर जलसंसाधन विभाग के द्वारा 348 करोड़ की लागत से विशाल बांध का निर्माण कराया जाना है. बांध निर्माण के चलते अंडई, डुंगरिया, उमरिया, खामी, छतपरा, बरगांव, धोबा, केवलारी, छिंदगांव, बम्हनी, साल्हेघोरी, मोहगांव समेत 22 गांव डूब क्षेत्र के दायरे में हैं. किसानों की मानें तो बिना उनकी सहमति के झूठे सहमति पत्र तैयार कर प्रशासन के द्वारा जबरन बांध का निर्माण कराया जा रहा है. किसानों ने बताया कि कई ऐसे किसानों के सहमति पत्र भी तैयार किये गये हैं, जिनकी मृत्यु सालों पहले हो चुकी है.

जिला प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सैंकड़ों किसान बांध निर्माण का विरोध करते हुये खेत में ही तंबू तानकर धरने पर बैठ गये हैं. अपने परिवार समेत किसान पिछले 8 दिनों से दिनरात खुले आसमान के नीचे खेत में धरने पर बैठे हुए हैं. वो खेत में ही खाना बनाते हैं और कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे ही सोते भी हैं. विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान स्थानीय विधायक व आदिवासी विकास विभाग के मंत्री ओमकार मरकाम की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज हैं. किसानों का दावा है कि मंत्री मरकाम रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से बांध निर्माण का भूमिपूजन करने अधिकारियों के साथ पहुंचे थे. 

जिलापंचायत अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश धुर्वे ने बांध निर्माण में मनमानी को लेकर जिला प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम पर निशाना साधा. धुर्वे ने किसानों की लड़ाई को जायज बतलाते हुए उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा भी जताया है. वहीं, जलसंसाधन विभाग के अधिकारी द्वारा खरमेर नदी में बांध बनने से 42 गांव में 12 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का दावा किया जा रहा है. साथ ही जिले में जलसंकट की स्थिति से निपटने में भी इस बांध परियोजना का अहम योगदान बताया जा रहा है. 

स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम से जब हमने जानना चाहा कि आखिर क्या वजह रही की उन्हें बांध निर्माण का भूमिपूजन करने रात के अंधेरे में जाना पड़ा. तो उन्होंने इन आरोपों से साफ़ इंकार कर दिया. वहीं, खरमेर बांध परियोजना को प्रगति का रास्ता बतलाते हुये उपदेश देते नजर आए. खेतों में खड़ी फसल पर बुलडोजर चलवाने एवं किसानों के धरने पर मंत्री जी गोलमोल बातें कर मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए. 

एक तरफ प्रदेश सरकार खुद को किसानों का हितैषी बतलाते हुये उनके कल्याण के लिये बड़ी बड़ी बातें और दावे करती है. वहीं, सरकार के मंत्री किसानों के खून पसीने की कमाई पर बुलडोजर चलवाने का काम कर रहे हैं. आठ दिनों से खुले आसमान के नीचे कड़कड़ाते ठंड में कई गांवों के किसान धरने पर बैठे हुए हैं. जिनसे मिलने की फुर्सत न तो मंत्री के पास है और न अधिकारीयों के पास है.