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MP की बारिश लेकर आई मुसीबतों की बाढ़, 225 मौतें और 11 हजार 906 करोड़ का नुकसान

अब तक कुल 11 हजार 906 करोड़ रुपये की क्षति हुई है. प्रदेश में बाढ़ और आकाशीय बिजली से 225 लोगों की मृत्यु हुई है, और लगभग 1400 से अधिक जानवरों की मौत हुई है. 

MP की बारिश लेकर आई मुसीबतों की बाढ़, 225 मौतें और 11 हजार 906 करोड़ का नुकसान
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण राज्य में अब तक 225 लोगों की जान जा चुकी है. सरकार की तरफ जारी बयान के अनुसार, प्रदेश के 52 में से 36 जिलों में भारी नुकसान हुआ है. अति वर्षा से लगभग 24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 22 लाख किसानों की 9 हजार 600 करोड़ रुपये की खरीफ फसल प्रभावित हुई है. प्रदेश में मकानों को हुई क्षति लगभग 540 करोड़ रुपये की है. इसी क्रम में सड़कों की क्षति का अनुमान 1566 करोड़ रुपये और लगभग 200 करोड़ रुपये का अन्य नुकसान भी हुआ है. अब तक कुल 11 हजार 906 करोड़ रुपये की क्षति हुई है. प्रदेश में बाढ़ और आकाशीय बिजली से 225 लोगों की मृत्यु हुई है, और लगभग 1400 से अधिक जानवरों की मौत हुई है. 

केंद्र सरकार का दल राज्य के प्रभावित जिलों के दौरे पर है. इस दल ने गुरुवार और शुक्रवार को हालात का जायजा लिया. राज्य सरकार की ओर से इस दल के सामने नुकसान का ब्यौरा रखा गया. केंद्रीय दल को बताया गया है कि राज्य में फसलों को हुए नुकसान का आंकलन 24 सितंबर तक पूरा होगा. 

MP: नहीं थम रही बादलों से बरसती मुसीबत, 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

 

बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड 
मध्यप्रदेश में एक जून 2019 से 17 सितंबर 2019 तक में 1192.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है. यह LPA के इस अवधि के औसत से 33 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश के 13 जिलों में (सभी पश्चिमी और मध्य क्षेत्र) LPA से 60 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है. कुल 3 जिलों मंदसौर, आगर, नीमच में उनके LPA से दोगुनी वर्षा दर्ज की गई है. प्रदेश के राजगढ़, रायसेन, विदिशा, खंडवा, रतलाम, हरदा, मंडला, बालाघाट, सिवनी, सागर, मंदसौर, उज्जैन, आगर, नीमच, भोपाल, शाजापुर, नरसिंहपुर, देवास, मुरैना, श्योपुर, भिण्ड, निवाड़ी, सीहोर और अशोकनगर में अतिवर्षा से गंभीर स्थिति पैदा हुई है.