पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन बोलीं, 'मैं BJP सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकती थी...'

 पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और बीजेपी नेता सुमित्रा महाजन के इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है. 

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन बोलीं, 'मैं BJP सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकती थी...'
सियासी गलियारों में सुमित्रा महाजन के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं.

इंदौर: मध्य प्रदेश में सत्ता से दूर होने के बाद बीजेपी में बिखराव की स्थिति ही नजर आने लगी है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का एक बयान इसकी पुष्टि कर रहा है. दरअसल, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यहां मेरी सरकार (शिवराज सरकार) के खिलाफ मैं नहीं बोल सकती थी. कोई बात उठाने के लिए मैं जीतू पटवारी और तुलसी सिलावट को धीरे से कहती थी कि तुम कुछ करो. इसके साथ ही सुमित्रा महाजन ने कहा कि जीतू पटवारी में मेरे शिष्य बनने के सभी गुण हैं. 

वहीं, सुमित्रा महाजन के इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है. इंदौर बीजेपी में गुटबाजी किसी से छुपी नहीं है. कथित तौर पर ताई (सुमित्रा महाजन) और भाई (कैलाश विजयवर्गीय) के बीच मतभेदों की खबरें सियासी हलचल तेज करती रही हैं. इन सबके बीच राज्यपाल लालजी टंडन की मौजूदगी में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बड़ा बयान दिया. पूर्व लोकसभा स्पीकर ने कहा कि एमपी में जब शिवराज सरकार थी तो, वो उसके खिलाफ नहीं बोल सकती थीं. कोई बात उठाने के लिए मैं धीरे से जीतू पटवारी और तुलसी सिलावट को कहती थी कि तुम लोग कुछ करो. महाजन ने कहा कि जीतू पटवारी में मेरे शिष्य बनने के सभी गुण हैं.

सियासी गलियारों में सुमित्रा महाजन के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि ताई अनुभवी नेता हैं. वो जो बोलती हैं, सोच समझकर बोलती हैं. उन्होंने जो कहा सही कहा. वहीं, तुलसी सिलावट ने कहा कि ताई हमारी आदरणीय हैं. इंदौर के विकास में ताई ने जो निर्देश दिए उनका मैंने पालन किया. मंत्री बनने के बाद भी मैं उनका आशीर्वाद लेने गया था.