गोडसे पर बयान से विवादों में घिरी साध्वी प्रज्ञा को मिला MP के पूर्व स्पीकर सीताशरण शर्मा का साथ
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गोडसे पर बयान से विवादों में घिरी साध्वी प्रज्ञा को मिला MP के पूर्व स्पीकर सीताशरण शर्मा का साथ

डॉ सीताशरण शर्मा ने साध्वी के बयान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया है. लेकिन, उन्होंने साध्वी प्रज्ञा को विवादस्पद मुद्दों पर न बोलने की भी नसीहत दी है.

गोडसे पर बयान से विवादों में घिरी साध्वी प्रज्ञा को मिला MP के पूर्व स्पीकर सीताशरण शर्मा का साथ

होशंगाबाद: भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur) के गोडसे (Nathuram Godse) को देशभक्त बताए जाने वाले बयान पर जहां विपक्षी दल हमलावर हैं, तो वहीं बीजेपी (BJP) के कुछ नेता इसका समर्थन कर रहे हैं. साध्वी के बयान की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) भी निंदा कर चुके हैं, लेकिन अब प्रज्ञा ठाकुर के समर्थन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा आ गए हैं. डॉ सीताशरण शर्मा ने साध्वी के बयान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया है. लेकिन, उन्होंने साध्वी प्रज्ञा को विवादस्पद मुद्दों पर न बोलने की भी नसीहत दी है. 

साध्वी के समर्थन में बयान देते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा कांग्रेस (Congress) पर भी निशाना साधने से नहीं चूके. उन्होंने इस दौरान प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) पर हमला बोला और कहा कि प्रियंका गांधी स्वर्गीय राजीव गांधी के हत्यारों से मिलने सरेआम जाती हैं. तब कोई एतराज नहीं उठता, इंदिरा गांधी के हत्यारों की भी पुण्यतिथि मनाई जाती है.

बता दें कि साध्वी के बयान की निंदा खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में कर चुके हैं. राजनाथ सिंह ने आज सदन में कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने की सोच की भी हम निंदा करते हैं. गोडसे को देशभक्त मानने की सोच हमारी पार्टी की नहीं है. गांधी की विचारधारा कल भी और आज भी प्रासंगिक है, हम उनकी विचारधारा पर चलते हैं चाहे किसी भी पार्टी का व्यक्ति उनके बारे में कुछ भी कहे.

लेकिन, मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा साध्वी प्रज्ञा का समर्थन कर रहे हैं. साध्वी प्रज्ञा को विवादस्पद मुद्दों से दूर रहने की सलाह देते हुए डॉ शर्मा ने कहा ''निजी स्तर पर सबको अपने विचार रखने का अधिकार है. जो इनका विरोध करते हैं वो नहीं जानते कि स्वर्गीय राजीव गांधी के हत्यारों से सरेआम प्रियंका गांधी मिलने जाती हैं. इंदिरा गांधी के हत्यारों की पुण्यतिथि मनाई जाती है. कोई एतराज नहीं उठता. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है उस पर इतना हल्ला मचाने की आवश्यकता नहीं है. सबके अपने-अपने विचार होते हैं''. 

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