भांजे की फरमाइश पर खुद को रोक नहीं पाए मामा शिवराज, बोले- 'एक दिन जरूर...'

अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आम जनता से खुलकर मेल-मुलाकात कर रहे हैं. इसके साथ ही ट्विटर पर उनकी हाजिरजवाबी खूब पसंद की जा रही है.

भांजे की फरमाइश पर खुद को रोक नहीं पाए मामा शिवराज, बोले- 'एक दिन जरूर...'
शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर 'भांजे' को जवाब दिया. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सत्ता गंवाने के बाद भी सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक सक्रिय बने हुए हैं. अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर अब वह आम जनता से खुलकर मेल-मुलाकात कर रहे हैं. इसके साथ ही ट्विटर पर शिवराज की हाजिरजवाबी खूब पसंद की जा रही है. हाल ही में जब पूर्व सीएम के साथ एक 'भांजे' ने चाय पीने की फरमाइश कर डाली तो उन्होंने उसका मजेदार अंदाज में जवाब दिया.

दरअसल, @OneTipOneHand_ ट्विटर यूजर ने शिवराज सिंह चौहान को टैग करते लिखा, ''मामाजी, आप हर किसी को जवाब दे रहे हैं, मगर अपने सबसे समर्पित भांजे को रिप्लाई नहीं दे रहे.'' जवाब में शिवराज के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से लिखा जाता है, ''आज दिल्ली में हूं मेरे प्रिय भांजे, वक्त मिलते ही आप को रिप्लाई कर दिया. खुश रहें, सदैव सुखी रहें.''

पूर्व सीएम को ट्विटर पर एक्टिव देखकर ट्रोलर्स कहां पीछे रहने वाले थे. इसी बीच एक और यूजर @seriousfunnyguy भी बीच में कूद पड़ा और लिखा, 'तो दिल्ली वाले भांजे को एक प्याली चाय पिला दें मामाजी. DM ओपन है लोकेशन और समय भेजने के लिए.' इस पर शिवराज सिंह चौहान रिप्लाई देते हैं कि मौका और समय मिला तो एक दिन साथ में चाय जरूर पीएंगे.

'मध्यप्रदेश ने नहीं खोया शिवराज'
मध्य प्रदेश के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 'मामा' के नाम से लोकप्रिय हैं. यही वजह है कि ट्विटर और फेसबुक पर उनको लोग किसी न किसी तरीके से याद करते रहते हैं. एमपी में बीजेपी की हार के बाद एक यूजर @niranjanchauh ने ट्वीट किया, ''आदरणीय शिवराज सिंह चौहान जी, मैं पटना बिहार का रहनेवाला हूं और सोशल मीडिया ट्वीटर पर पीछले तीन साल से जुडा़ हूं लेकिन इन तीन सालों में पहली बार किसी के हार के बावजूद विरोधी भी इतनी प्रशंसा कर रहे हैं तो वो आप हैं. आपमें अटल जी की जैसी विनम्रता झलकती है. सचमुच MP ने शिवराज को खो दिया.'' इसके रिप्लाई में 'मामाजी' लिखते हैं, ''ना मध्यप्रदेश ने शिवराज खोया है, और ना मैंने मध्यप्रदेश. मैं तो सिर्फ़ मध्यप्रदेश का हूं और मध्यप्रदेश मेरा.''

शिवराज सिंह चौहान बन गए 'द कॉमन मैन ऑफ मध्य प्रदेश'
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार जाने के बाद से दो बार अपना ट्विटर प्रोफाइल बदला है. उन्होंने ट्विटर पर खुद को 'द कॉमन मैन ऑफ मध्य प्रदेश' (मध्य प्रदेश का आम आदमी) बताया है. इससे पहले इस्तीफा देने के तुरंत बाद शिवराज ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर लिखा था, 'एक्स चीफ मिनिस्टर ऑफ मध्य प्रदेश, इंडिया' लेकिन कुछ ही घंटों के बाद उन्होंने इसे बदल दिया. एक पूर्व मुख्यमंत्री के द्वारा खुद को राज्य का एक आम आदमी लिखना सोशल मीडिया यूजर्स को काफी भा रहा है. यूजर्स शिवराज के प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट लेकर काफी वाहवाही कर रहे हैं. लगातार एक के बाद ट्वीट करके शिवराज जता रहे हैं कि वह विपक्ष में रहकर पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहेंगे.

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हाल ही में पूर्व सीएम ने कहा, ''मध्यप्रदेश मेरा मंदिर है, और यहां की जनता मेरी भगवान. मेरे घर के दरवाज़े आज भी प्रदेश के हर नागरिक के लिए हमेशा खुले हैं, वो बिना कोई हिचकिचाहट मेरे पास आ सकते हैं, और मैं हमेशा की तरह उनकी यथासंभव मदद करता रहूंगा.'' इस ट्वीट के जरिए शिवराज सिंह चौहान ने राजनीतिक हलकों में चल रही उस चर्चा को विराम दे दिया है जिसमें उनके केंद्र में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं.

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बता दें कि एमपी में 230 विधानसभा सीटें है और बहुमत के लिए 116 विधायकों की जरूरत है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 41 फीसदी वोट मिले लेकिन सिर्फ 109 सीटें ही मिलीं. कांग्रेस के खाते में 114 सीटें आई हैं. चार निर्दलीय, बसपा के दो और सपा के एक विधायक के समर्थन का कांग्रेस दावा कर रही है. इस तरह कांग्रेस 121 विधायक अपने पास होने का दावा कर रही है. 17 सितंबर को कांग्रेस नेता कमलनाथ को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.