छत्तीसगढ़: पेंड्रा में दो साध्वियों से गैंग रेप, मुख्यमंत्री के दखल के बाद दर्ज की गई रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा से सतलोक आश्रम ट्रस्ट की दो साध्वियों के साथ पिस्तौल की नोक पर गैंगरेप का मामला सामने आया है.

छत्तीसगढ़: पेंड्रा में दो साध्वियों से गैंग रेप, मुख्यमंत्री के दखल के बाद दर्ज की गई रिपोर्ट
बंदूक की नोक पर किया दुष्कर्म

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के पेंड्रा से सतलोक आश्रम ट्रस्ट की दो साध्वियों के साथ पिस्तौल की नोक पर गैंगरेप का मामला सामने आया है. घटना बीते 2 मार्च की है दोनों साध्वियों को जांजगीर चांपा से गाड़ी में पेंड्रा लाकर सोन नदी के किनारे बलात्कार किया गया. अब मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्र के बाद पेंड्रा थाने में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाशी शुरू कर दी गई है. जिनमें चार में से तीन आरोपी उत्तर प्रदेश के बताये जा रहे हैं. अपने साथ हुई घटना की जानकारी देती यह साध्वियों ने बताया कि बीते 2 मार्च को साउथ बिहार एक्सप्रेस से जांजगीर चांपा उतरने के बाद दोनों साध्वियां अपनी पूर्व परिचित दिल चंद पटेल के साथ जांजगीर में स्थित आश्रम जाने के लिए निकलीं. 

हसौद की जगह कोरबा की ओर मुड़ गई गाड़ी
दरअसल, दोनों साध्वियों को हसौद जाना था पर कुछ दूर चलने के बाद गाड़ी कोरबा की ओर मुड़ गई. गाड़ी के मुड़ने पर साध्वियों ने पूछा कि आप कहां जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मेरे दोस्त के बेटे का जन्मदिन है. कुछ दूर जाकर गाड़ी रुकी तो सामने एक और गाड़ी खड़ी थी जिसमें से कल्पनाथ चौधरी, गिरजाशंकर चौधरी और श्यामचंद चौधरी उर्फ़ तपस्यानंद सवार थे. साध्वियों ने जब पूछताछ की तो दिलचंद पटेल ने अपने जेब से रिवाल्वर निकाल कर उन्हें धमकी दी कि चुपचाप बैठने की धमकी दी. जिसके बाद गाड़ी पेंड्रा पहुंची और पेंड्रा के कोटमी चौकी के पास सोन नदी के किनारे दोनों साध्वियों के साथ चारों लोगों ने बलात्कार किया. 

जान से मारने की कोशिश
बलात्कार के बाद चारों आरोपियों ने दूसरी गाड़ी में आए कुछ अन्य लोगों को इन दोनों साध्वियों को जान से मार कर वहीं फेंक देने के लिए कहा और खुद चले गए. दोनों साध्वियों के अनुसार उन्होंने उन बदमाशों से मिन्नतें करके अपनी जान मांगी जिसके बाद बदमाशों ने बताया कि तुम्हारी जान लेने के लिए दिलचंद पटेल ने हमें 2 लाख दिए हैं. बदमाशों ने कहा कि हम तुम्हें एक ही शर्त पर छोड़ सकते हैं जब तुम कोरबा, जांजगीर और छत्तीसगढ़ छोड़कर कहीं और चली जाओ. साध्वियों ने कहा कि हम छोड़कर चले जाएंगे, जिसके बाद साध्वियां आश्रम ट्रस्ट के कोटमी शाखा में रहने लगी. 

रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार
स्वस्थ होने के बाद दोनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. लेकिन, मामला दर्ज नहीं किया गया, जिसके बाद साध्वियों ने इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री को की. जिसके बाद वहां से आए पत्र के बाद मामला दर्ज कर लिया गया. मामला दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है. बता दें आरोपियों में से चार आरोपी उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं और चौथा आरोपी छत्तीसगढ़ से ही है.