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छत्तीसगढ़ः प्लास्टिक के कप, प्लेट और चम्मच के दिन हुए खत्म, यहां सुपारी से तैयार किए जा रहे हैं बर्तन

कारोबारी गौरव ने सुपारी के छिलकों से कप, प्लेट और स्पून को बनाया है. जिसका प्रयोग आप किसी भी पार्टी में आसानी से कर सकतें हैं और इनका यूज़ करने के बाद आप इसका प्रयोग खाद की तरह भी कर सकतें हैं.

छत्तीसगढ़ः प्लास्टिक के कप, प्लेट और चम्मच के दिन हुए खत्म, यहां सुपारी से तैयार किए जा रहे हैं बर्तन
रायपुर के गौरव आहुजा बना रहे हैं सुपारी के छिलकों से बर्तन

रजनी ठाकुर,रायपुरः सिंगल यूज प्लास्टिक को 2 अक्टूबर से बैन कर दिया गया है और सरकार को इस कदम को सार्थक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर में रहने वाले युवा कारोबारी गौरव आहूजा सामने आए हैं. अब आपको प्लास्टिक बैन होने के बाद परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. प्लास्टिक की प्लेट और कप के दिन अब खत्म हो गए हैं. प्लास्टिक बोतल की भी अब केवल बातें ही होंगी और ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर चिंता करने वालों को भी खुशी मिलेगी, क्योंकि रायपुर के इन युवाओं ने प्लास्टिक का विकल्प खोज निकाला है.

सुपारी के छिलके हैं काम के
कारोबारी गौरव ने सुपारी के छिलकों से कप, प्लेट और स्पून को बनाया है. जिसका प्रयोग आप किसी भी पार्टी में आसानी से कर सकतें हैं और इनका यूज करने के बाद आप इसका प्रयोग खाद की तरह भी कर सकतें हैं. इसका प्रयोग करने से आपकी हेल्थ भी अच्छी रहेगी और पर्यावरण को भी कोई खतरा नहीं रहेगा. यह पूरी तरह से ईको फ्रेंडली है और प्रकृति से पैदा हुई चीज़ से बना है.

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सुपारी होती है शुभ
हमारी संस्कृति में सुपारी को बहुत शुभ माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि 30 दिनों के भीतर यह सड़कर खाद बन जाती है और अगर इसको मवेशी खा लें तो चारे का काम करती है. यानी पॉलीथीन खाने के बाद जैसे मवेशियों की मौत हो जाती थी, वैसा बिल्कुल भी नहीं होगा. कारोबारी गौरव की यह पहल हमारे भविष्य के लिए और पर्यावरण के लिए अच्छी साबित रहेगी. 

नो प्लास्टिक मिशन: इन दो लड़कों ने तैयार की प्लास्टिक बोतलों से टी-शर्ट, कमा रहे नाम

बता दें प्रधानमंत्री मोदी के नो प्लास्टिक मिशन को चारों तरफ से भारी समर्थन मिल रहा है. गौरव की ही तरह रायपुर के ही 2 अन्य युवाओं ने भी अपने अनोखे स्टार्टअप के जरिए इसका बेहद शानदार विकल्प तैयार किया है, जिससे ना सिर्फ प्लास्टिक इस्तेमाल रोककर नो प्लास्टिक मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. सबसे पहले बात सिंगल यूज प्लास्टिक से तैयार होने वाले टीशर्ट की. अधीश ठाकुर अपने स्टार्टअप के जरिए प्लास्टिक की बोतलों से टीशर्ट तैयार करते हैं, एक टीशर्ट को तैयार करने में 8-10 वेस्ट प्लास्टिक के बोतलों की जरूरत पड़ती है.