सबसे बड़े इन्वेस्टर्स मेले का आगाज़

हिन्दुस्तान के दिल, मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 2007 से शुरू हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का इस साल इंदौर में आगाज़ हुआ। वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय कानून एवं दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद,और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ किया। इस मौके पर  केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। 

सबसे बड़े इन्वेस्टर्स मेले का आगाज़

इंदौर: हिन्दुस्तान के दिल, मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 2007 से शुरू हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का इस साल इंदौर में आगाज़ हुआ। वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय कानून एवं दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ किया। इस मौके पर  केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। 

इस साल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दुनियाभर से क़रीब 3 हज़ार डेलीगेट्स शामिल हो रहे हैं। क़रीब 150 कंपनियों के CEO भी इस समिट में शिरकत कर रहे हैं।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 5 देशों के क़रीब 500 विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जिसमें साउथ कोरिया, जापान, सिंगापुर, लंदन और यूएई के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस समिट में निवेश को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होगी।

समिट में सीएम ने क्या कहा? 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस समिट से मध्य प्रदेश में बड़े निवेश की उम्मीद जताई है। 

उन्होंने कहा कि इस बार सिर्फ MoU ही साइन नहीं होंगे बल्कि निवेश पर ज़ोर दिया जाएगा। उद्योगपतियों से मुलाक़ात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ज़्यादा से ज़्यादा निवेश हो इसपर फ़ोकस किया जा रहा है।

निवेशकों को लुभाते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में ज़मीन और बिजली की कोई कमी नहीं और प्रदेश में ओपन डोर सिस्टम है। ऑनलाइन निवेश के लिए भी सीएम ने कहा कि ऑनलाइन निवेश को प्रदेश में सरल बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने ये भी ऐलान किया कि GST लागू होने के बाद भी प्रदेश में उद्योगपतियों को टैक्स में छूट जारी रहेगी।

हालांकि समिट से पहले सीएम से मुलाक़ात कर मित्तल ग्रुप ने सरकार को प्रदेश में किसानों के साथ पार्टनरशिप का प्रस्ताव दिया है।