यह कैसा सरकारी अस्पताल? डॉक्टरों ने निजी क्लीनिक बुला 2 बार किया महिला का गलत ऑपरेशन

आशा को बच्चेदानी में तकलीफ के बाद जिला अस्पताल की डॉक्टर निशा ने पहले अपने निजी क्लीनिक पर बुलाया और सरकारी अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन कर दिया लेकिन परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई. 

यह कैसा सरकारी अस्पताल? डॉक्टरों ने निजी क्लीनिक बुला 2 बार किया महिला का गलत ऑपरेशन
इलाज के लिए भटकते दंपति

बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से खराब स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है. जहां एक महिला अपनी जान बचाने के लिए गुहार लगाती रही, लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है. सरकारी डॉक्टरों ने दो बार पैसे लेकर ऑपरेशन किया और दोनों बार यह फेल हो गया. जिला अस्पताल की इस लापरवाही के बाद महिला अब दर्द से तड़प रही है. वहीं सीएमएचओ अब जांच का भरोसा दिला रहे हैं. 

नर्मदा परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम में मन से भाषण दे रहे थे CM,एक-एक कर चलती बनी जनता

बता दें कि पीड़ित महिला सीएस, सीएमएचओ, कलेक्टर और थाना के चक्कर लगा रही है. 54 वर्षीय महिला डॉक्टरों की ठगी का शिकार होकर रह गयी है. रुपये लेने के बाद अब सरकारी डॉक्टर इसे पहचानने से भी इंकार कर रहे हैं.

क्या है बीमारी 
महिला ने बताया कि उसके पेट में तकलीफ थी बच्चेदानी से खून निकलता था. जिला अस्पताल में डॉक्टर डेनियल मिली. उसने कहा मेरे क्लीनिक पर आओ 10 हजार फीस लगेगी तुम्हारा इलाज हम करेंगे. मुझसे 10 हजार रुपये ले लिए और जिला अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन कर दिया. ऑपरेशन के एक महीने बाद पूरे पेट में मवाद भर गया.

हड़ताल पर गए स्वास्थ्य कर्मियों के समर्थन में आए 3 BJP सांसद, टीएस सिंह देव को लिखा पत्र

पुलिस व सीएमएचओ जांच में जुटे 
वहीं सीएमएचओ डॉ. प्रदीप धाकड़ का कहना हैं कि मेरी जानकारी में मामला सामने आया है. इसके लिए टीम गठित कर दी है वह जांच करेगी. किसी भी मरीज को कार्ड देकर निजी अस्पताल में बुलाना गलत है. पीड़ित महिला को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा. 

WATCH LIVE TV