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जंगल में सियासी जंगलराज! अतिक्रमण हटाने तैयार थीं 60 जेसीबी, मंत्री के फोन ने रुकवा दी सबसे बड़ी कार्रवाई

Guna News-गुना में 3 हजार बीघा वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आखिरी वक्त पर रोक दी गई. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही मंत्री का फोन डीएफओ को आया, इसके बाद टीम को लौटने के आदेश दे दिए गए. डीएफओ का कहना है कि दोबारा जमीन का सीमांकन किया जाएगा. यह पूरा मामला गुरुवार को सामने आया है.

 

जंगल में सियासी जंगलराज! अतिक्रमण हटाने तैयार थीं 60 जेसीबी, मंत्री के फोन ने रुकवा दी सबसे बड़ी कार्रवाई

Land Encroachment Drive Halted-मध्यप्रदेश के गुना जिले के बमोरी इलाके के सारेठा गांव में 3 हजार बीघा वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आखिरी वक्त पर रोक दी गई. गुरुवार को यह मामला सामने आया, जब यह पता चला कि कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले वन विभाग की टीम को वापस बुला लिया गया. कार्रवाई शुरू होने से पहले मंत्री का डीएफओ का फोन आ गया. इसके बाद टीम को वापस बुलाया गया. वहीं डीएफओ का कहना है कि ग्रामीणों ने पट्टे का दावा किया है, दोबारा सीमांकन कराया जाएगा. 

60 जेसीबी और 100 कर्मचारी थे तैयार
जानकारी के अनुसार, वन विभाग की सूचना मिली थी कि सारेठा गांव में पिछले कुछ सालों से फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है. जांच में अतिक्रमण की पुष्टि भी हो गई थी. इसके बाद 22 अक्टूबर को डीएफओ अक्षय राठौर ने 24 अक्टूबर को कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था. आदेश के तहत जिले के कई सब डिवीजनों से 100 से ज्यादा कर्मचारियों को बुलाया गया था. इस कार्रवाई के लिए 60 जेसेबी मशीनें तैयार थीं, कुछ मशीनें राजस्थान से मंगाई गई थीं. 

अचानक आदेश लिया गया वापस
जेसीबी में डीजल भरवा लिया गया था और मौके पर अमरे के लिए भोजन तक की व्यवस्था कर दी गई थी. लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले ही अचानक आदेश वापस ले लिया गया. सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई की खबर अतिक्रमणकारियों तक पहुंच गई थी. बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से संपर्क किया, जिन्होंने इसे प्रशासनिक मामला बताते हुए हस्तक्षेप से इनकार किया. इसके बाद एक अन्य मंत्री के जरिए डीएफओ को फोन आया और टीम को लौटने के निर्देश दिए गए. 

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ग्रामीणों ने किया पट्टों का दावा
वहीं इस मामले को लेकर डीएफओ अक्षय राठौर ने बताया कि ग्रामीणों ने वन भूमि पर अपने पट्टों का दावा किया है. सारेठा पुराना वन ग्राम रहा है, इसलिए कई लोग अपने पुराने दस्तावेज दिखा रहे हैं. अब दोबारा सीमांकन कराया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कार्रवाई सही भूमि पर ही हो. इस तरह पूरी तैयारी के बावजूद गुना में 3 हजार बीघा वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल अधर में लटक गई है. अब सीमांकन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा.

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