)
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक घटना सामने आई है. सीमा सुरक्षा को चकमा देकर देश में दाखिल हुए 13 बांग्लादेशी नागरिक ग्वालियर में रहते हुए पाए गए. पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर उन सभी को गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार, इनमें से 12 लोग कई सालों से पिंटो पार्क इलाके में रह रहे थे, जबकि एक बांग्लादेशी महिला को महलगांव (सिटी सेंटर) इलाके से पकड़ा गया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय दलालों को पैसे देकर चुपके से भारत में दाखिल हुए थे. इसके बाद वे अलग-अलग रास्तों से होते हुए ग्वालियर पहुंचे और वहीं बस गए.
13 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए सभी 13 बांग्लादेशी नागरिकों को अभी पुलिस लाइन्स में रखा गया है. पुलिस का कहना है कि उनके पास भारत की नागरिकता या उससे जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले. महाजपुरा सर्कल के CSP नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि शहर में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे इन 13 बांग्लादेशियों को पकड़कर पुलिस लाइन्स भेज दिया गया है. उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ग्वालियर में रहने और काम खोजने में इन लोगों की मदद करने में और कौन-कौन शामिल था.
ग्वालियर से दूसरी खबर
इस बीच, ग्वालियर के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने लिधौरा गांव (पिछोर, डबरा) में एक बड़ा ऑपरेशन किया और ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत के सहायक सचिव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. आरोपी ने शिकायतकर्ता से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक किस्त जारी करवाने के बदले ₹5,000 की मांग की थी. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान लिधौरा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सोनू शर्मा के तौर पर हुई है. EOW के अनुसार आरोपी ने शिकायतकर्ता अजय कुशवाहा से आवास योजना की तीसरी किस्त जारी करवाने के लिए रिश्वत की मांग की थी. अजय ने इस मामले को लेकर 31 जुलाई को EOW के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के पास शिकायत दर्ज कराई थी.
रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
शिकायत की पुष्टि करने के बाद EOW ने जाल बिछाया. मंगलवार को टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी के हाथ धुलवाए गए और पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई. इस ऑपरेशन को EOW के DSP शैलेंद्र सिंह कुशवाहा की अगुवाई में 16 सदस्यों की टीम ने अंजाम दिया. टीम में इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल रैंक के अधिकारी शामिल थे. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस कार्रवाई से डबरा-पिछोर इलाके में हड़कंप मच गया है.
मध्य प्रदेश नवीनतम अपडेट्स के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें MP Breaking News in Hindi हर पल की जानकारी. आपके जिले की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!