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अवैध खनन पर HC ने MP शासन को दिए प्रदेश भर में चेक पोस्ट बनाने और ई-चालान काटने के निर्देश

हाई कोर्ट ने MP शासन को निर्देश देते हुए कहा कि अवैध उत्खनन के वाहनों की मॉनिटरिंग होनी चाहिए, इसके साथ ही वाहनों के मैनुअल की जगह, इलेक्ट्रॉनिक चालान काटे जाने चाहिए.

अवैध खनन पर HC ने MP शासन को दिए प्रदेश भर में चेक पोस्ट बनाने और ई-चालान काटने के निर्देश
हाईकोर्ट ने वाहनों के मैनुअल चालान की जगह, इलेक्ट्रॉनिक चालान काटे जाने के आदेश दिए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

ग्वालियरः मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक बड़ा आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने आदेश अवैध रेत के उत्खनन को लेकर दिया है. जिसमें कोर्ट ने कहा है कि मध्यप्रदेश शासन पूरे प्रदेश में चेक पोस्ट बनाए. साथ ही अवैध उत्खनन के वाहनों की मॉनिटरिंग होनी चाहिए, इसके अलावा वाहनों के मैनुअल चालान की जगह, इलेक्ट्रॉनिक चालान काटे जाने चाहिए और रेत की खदान पर वैद्य पनडुब्बी, हिटेची मशीन का रजिस्ट्रेशन करने के भी निर्देश दिए हैं. साथ ही सभी वाहनों को जीपीएस सिस्टम से जोड़ जाने और किस नदी से रेत निकाली जा रही है इसका भी वैद्य लाइंसेंस धारक को बताने के आदेश दिए हैं. 

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अवैध रेत खनन को रोकने के लिए गांव में सेल्फ ग्रुप बनाने के भी आदेश दिए हैं. साथ ही शासन से कोर्ट ने इस आदेश की कम्पलिंस रिपोर्ट 18 नवम्बर को पेश करने के निर्देश दिए हैं. दरअसल, उमेश कुमार बोहरे ने एक जनहित याचिका लगाई थी, जिसमें कहा था कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में नदियों से अवैध रेत खनन हो रहा है. जिसमें पुलिस और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त खनन माफिया नदियों को छलनी करने का काम कर रहे हैं. ऐसे में हाईकोर्ट का आदेश कई मायनो में अहम हैं.

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बता दें हाल ही में प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने भी अवैध रेत उत्खनन को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए थे. यही नहीं इस मामले पर विश्नोई ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए प्रदेश सरकार कोई मुक्कमल कदम नहीं उठा रही है और न ही सरकार का इस पर कोई ध्यान दे रही है. वहीं विश्नोई ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को नसीहत देते हुए लिखा था कि, अगर सरकार रेत के दाम गिरा देगी तो रेत उत्खनन के मामलों में कमी आ सकती है.