MP:हाईकोर्ट ने खारिज की भोपाल सहकारी केंद्रीय बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर जमानत याचिका, 111.29 करोड़ किया था घोटाला

याचिका खारिज करने के पीछे न्यायालय ने तर्क दिया है कि आरोपी पर करोड़ो रुपये की गड़बड़ी के गंभीर आरोप हैं, साथ ही मामले की जांच अभी जारी है. 

MP:हाईकोर्ट ने खारिज की भोपाल सहकारी केंद्रीय बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर जमानत याचिका, 111.29 करोड़ किया था घोटाला
जबलपुर हाईकोर्ट

जबलपुर: जबलपुर हाईकोर्ट ने 111.29 करोड़ की हेराफेरी के आरोपी बैंक एमडी को जमानत देने से इंकार कर दिया है. भोपाल सहकारी केंद्रीय बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर रहे रमाशंकर विश्वकर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत के याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई कर याचिका को खारिज कर दिया है. याचिका खारिज करने के पीछे न्यायालय ने तर्क दिया है कि आरोपी पर करोड़ो रुपये की गड़बड़ी के गंभीर आरोप हैं, साथ ही मामले की जांच अभी जारी है. ऐसे में आरोपी को जमानत देना न्यायसंगत नही है इसलिए जमानत नही दी जा सकती.

आपको बता दें कि वर्ष 2018 में प्रबंध संचालक रमाशंकर विश्वकर्मा ने बैंक की बड़ी पूंजी का आईएलएंडएफएस कंपनी, मुंबई की सहयोगी कंपनीयो आईटीएनएल तथा आईटीईएस कम्पनी के कमर्शियल पेपर में नियम विरुद्ध निवेश किया था. जिससे बैंक की 111.29 करोड़ रुपये की रकम को जोखिम में डाला गया था, जिसके खुलासे के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और आरोपी रमाशंकर विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया था. तब से इस मामले की जांच की जा रही है.

नियमों को नजरअंदाज कर निजी बैंक व अधोसंरचना की कंपनियों में 800 करोड़ रुपए का निवेश किया गया, जिसमें से 111.29 करोड़ रुपए वापस मिलने की बिल्कुल भी संभावना नजर नहीं आ रही है. सूत्र बताते हैं कि आईएलएंडएफएस और उसकी सहयोगी कंपनियों के खिलाफ केंद्र की दो जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है. ईडी ने कंपनी के एक अधिकारी को गिरफ्तार भी किया है. वहीं सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन ऑर्गेनाइजेशन (एसएफआईओ) ने कंपनियों के बैंकों तथा निवेशकों के निवेश पर जांच की जा रही है.