बेसहारा बुजुर्गों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, शिवराज सरकार को किया तलब, इस तारीख तक देना होगा जवाब

हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि प्रदेश भर में बेसहारा बुजुर्गों के लिए कितने पुअर हाउस बनाए गए हैं, उन पुअर हाउस में क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई हैं. साथ ही सरकार को ये भी बताना होगा कि कितने लोग पुअर हाउस का फायदा उठा रहे हैं.

बेसहारा बुजुर्गों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, शिवराज सरकार को किया तलब, इस तारीख तक देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

कर्ण मिश्रा/ जबलपुर: मध्यप्रदेश में बेसहारा बुजुर्गों को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से बेसहारा बुजुर्गों के मामले को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए 25 मार्च तक का समय दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी.

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हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि प्रदेश भर में बेसहारा बुजुर्गों के लिए कितने पुअर हाउस बनाए गए हैं, उन पुअर हाउस में क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई हैं. साथ ही सरकार को ये भी बताना होगा कि कितने लोग पुअर हाउस का फायदा उठा रहे हैं.

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में कुछ दिनों पहले बेसहारा बुजुर्गों को पशुओं की तरह कचरे की गाड़ी में भरकर उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे छोड़ने की घटना सामने आयी थी. हालांकि आसपास के लोगों के विरोध करने और वीडियो बनाने पर बुजुर्गों को वापस गाड़ी में भर कर ले जा लिया गया था.

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इस घटना की तस्वीरें आने के बाद जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई. याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि मध्यप्रदेश के बेसहारा बुजुर्गों के लिए सरकार ने किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नही की है. जबकि नगर निगम अधिनियम में प्रावधान है कि शहर में बेसहारा बुजुर्गों के लिए पुअर हाउस बनाए जाएं. यदि प्रदेशभर में पर्याप्त पूअर हाउस बनाए जाते तो इंदौर जैसी घटना सामने नहीं आती.  

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