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हनी ट्रैप मामलाः आरोपी महिलाओं को इनफिनिटी होटल लेकर पहुंची पुलिस, स्टाफ से भी की पूछताछ

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में इंदौर जिले की एक अदालत ने कुल गिरफ्तार छह आरोपी महिलाओं में से तीन आरोपियों को शुक्रवार को आगामी 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है

हनी ट्रैप मामलाः आरोपी महिलाओं को इनफिनिटी होटल लेकर पहुंची पुलिस, स्टाफ से भी की पूछताछ

इंदौरः इंदौर में हनी ट्रैप मामले में रोजाना नए खुलासे सामने आ रहे हैं. इसी को लेकर इंदौर पुलिस ने पकड़ाई युवतियों को न्यायालय से रिमांड पर लेकर परत दर परत खुलती हुई नजर आ रही है. शनिवार देर रात भी युवतियों को इनफिनिटी होटल लेकर जाकर पूछताछ की गई. इंदौर में नगर निगम इंजीनियर हरभजन सिंह का वीडियो बनाकर ब्लैक मेलिंग के मामले से जुड़ी युवतियों से जहां एक और एसएसपी रूचि वर्धन ने दोपहर से लेकर देर शाम तक पूछताछ की, वहीं दूसरी ओर उन्हीं युवतियों को शनिवार देर रात इनफिनिटी होटल ले जाकर भी छानबीन की गई. बताया जा रहा है कि जिस वीडियो के आधार पर ब्लैकमेलिंग की गई थी वह 30 अगस्त को बनाया गया था. होटल के रजिस्टर चेकिंग और स्टाफ से पूछताछ करने पर कई खुलासे हुए हैं.

बता दें इंदौर जिले की एक अदालत ने कुल गिरफ्तार छह आरोपी महिलाओं में से तीन आरोपियों को शुक्रवार को आगामी 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी आरती सहित तीन आरोपियों को आगामी 22 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है, जहां तीनों महिलाओं से पूछताछ जारी है. जिला अभियोजन के मुताबिक पलासिया थाना पुलिस ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी राकेश कुमार पाटीदार की अदालत के समक्ष आरोपियों को पेश किया, जहां तीनों आरोपियों के अधिवक्ताओं ने बचाव करते हुए पुलिस रिमांड दिए जाने का विरोध किया. अदालत ने आरोपियों के अधिवक्ता के तर्क से सहमत होकर तीनों को पुलिस रिमांड पर न सौंपते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने का आदेश जारी किया.

इन तीनों के जमानती आवेदनों को आगामी सोमवार को सुनवाई संभावित है. इससे पहले प्रकरण की मुख्य आरोपी आरती दयाल, मोनिका यादव और ओमप्रकाश कोरी को गुरुवार को उक्त अदालत ने ही आगामी 22 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा था. इन तीनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है. वहीं महिलाओं के वकील सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि, पुलिस महिलाओं से लैपटॉप, 14लाख रुपए और वीडियो से संबंधित पूछताछ करना चाहती थी, जिसके चलते पुलिस ने रिमांड मांगी थी. अभियुक्त महिलाएं हैं, तो उन्हें ज्यादा दिन तक पुलिस रिमांड पर नहीं रखा जा सकता. पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने से कोर्ट ने पुलिस की रिमांड की मांग निरस्त कर दी.

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बता दें हनीट्रैप मामले में पकड़ी गईं महिलाओं के मोबाइल और लैपटॉप से कई अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनमें एक पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद समेत कुछ अधिकारियों के वीडियो हैं. पुलिस को शक है कि अन्य ठिकानों पर भी अश्लील वीडियो छिपाए हुए हैं. सूत्रों के अनुसार पकड़ी गई पांच युवतियों के पास से 150 से ज्यादा रसूखदारों के नंबर मिले हैं. हनीट्रैप गैंग अपने एनजीओ और कंपनी के जरिए कई नेता, अधिकारी और बड़े कारोबारियों के संपर्क में थी. युवतियों ने तीन साल में ब्लैकमेलिंग से करोड़ों की प्रॉपर्टी बना ली है. सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ के तार बीजेपी से तो कुछ के कांग्रेस से जुड़े हैं.