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Zee Madhya Pradesh ChhattisgarhPhotosपॉकेट-फ्रेंडली विंटर ट्रिप! ठंड में घूमने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है MP का 'मिनी कश्मीर', कैसे पहुंचे...कहां रुकें जानें ट्रिप का पूरा खर्च
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पॉकेट-फ्रेंडली विंटर ट्रिप! ठंड में घूमने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है MP का 'मिनी कश्मीर', कैसे पहुंचे...कहां रुकें जानें ट्रिप का पूरा खर्च

Pachmarhi Tourist Place: जब इस समय कश्मीर, शिमला और मनाली में स्नोफॉल (Snowfall) अपने चरम पर है, हर कोई इन खूबसूरत नजारों को देखने का सपना देखा है. लेकिन सीमित बजट और समय की कमी के कारण हर किसी के लिए वहां तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता. ऐसे में मध्यप्रदेश का 'मिनी शिमला' इस ठंड के मौसम में आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. शांत पहाड़ियां, सुहाना मौसम, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह पर्यटन स्थल किसी जन्नत से कम नहीं है. कम खर्च में यहां सुकून और रोमांस दोनों का अनुभव मिलता है, यहां पर आप 2 से 3 दिन में बिना ज्यादा खर्च किए दोस्तों और या परिवार के साथ एक यादगार और आरामदायक ट्रिप का आनंद ले सकते हैं.

 

मध्यप्रदेश का 'मिनी कश्मीर'

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मध्यप्रदेश का 'मिनी कश्मीर'

पचमढ़ी मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित है. यह स्थान सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में बसा हुआ है और समुद्र तल से लगभग 1067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. हरी-भरी वादियां, घने जंगल, झरने, गुफाएं और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं. इसी कारण पचमढ़ी को 'सतपुड़ा की रानी' भी कहा जाता है. पचमढ़ी का इतिहास बेहद रोचक है. मान्यता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया था. यहां स्थित पांडव गुफाएं इसी कहानी से जुड़ी हुई हैं. ब्रिटिश काल में कैप्टन जेम्स फॉर्सिथ ने 1857 में पचमढ़ी की खोज की थी. बाद में अंग्रेजों ने इसे सैन्य छावनी और ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया.

 

पचमढ़ी में घूमने की जगह

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पचमढ़ी में घूमने की जगह

पचमढ़ी (Pachmarhi) को मध्यप्रदेश का 'मिनी कश्मीर' कहा जाता है. सात पहाड़ियों पर बसे होने के कारण पचमढ़ी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है. यहां के प्राकृतिक स्थन न सिर्फ मन को सुकून देते हैं, बल्कि रोमांच और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र है. अगर आप भी पचमढ़ी जा रहे हैं, तो बी फॉल जरूर जाएं. यह यहां का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय झरना है. लगभग 35 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला यह झरना अपने साफ और बेहद ठंडे पानी के लिए जाना जाता है. यहां पर्यटक नहाने का आनंद लेते हैं और गर्मियों में यह सबसे अधिक भीड़भाड़ रहती है. पर्यटक यहां पिकनिक भी मना सकते हैं.

 

रजत प्रपात

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रजत प्रपात

धूपगढ़ मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची चोटी है. यहां से दिखाई देने वाला सूर्योदय और सूर्यास्त का द्दश्य बेहद मनमोहक होता है. चारों ओर फैली पहाड़ियां और हरियाली इसे फोटोग्राफी के लिए भी खास बनाती हैं. रजत प्रपात को स्थानीय लोग 'बड़ा झरना' भी कहते हैं. ऊंचाई से गिरता हुआ पानी जब धूप में चमकता है, तो वह चांदी जैसा दिखाई देता है, इसी वजह से इसका नाम रजत प्रपात पड़ा मानसून के मौसम में यह झरना अपने पूरे शबाब पर होता है. 

 

धार्मिक और ऐतिहासिक गुफाएं

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धार्मिक और ऐतिहासिक गुफाएं

मान्यचा है कि पांडवों ने अपने वनवास के दौरान इन गुफाओं में समय बिताया था. ये पांच प्राचीन गुफाएं एक छोटी पहाड़ी पर स्थित हैं गुफाओं के नीचे बने सुंदर बगीचे इस स्थल की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. जटाशंकर मंदिर एक प्राकृतिक गुफा मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है गुफा के अंदर बनी पत्थर की संरचनाएं भगवान शिव की जटाओं जैसे प्रतीत होती हैं, जिसे यह स्थल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके साथ ही चौरागढ़ भी एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जो एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है. यहां तक पहुंचाने के लिए लगभग 1300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है. भक्त यहां भगवान को हजारों त्रिशूल अर्पित करते हैं. वहीं बड़ा महादेव एक विशाल गुफा है, जिसके अंदर भगवान शिव का मंदिर स्थित है यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है.

 

प्रियदर्शिनी पॉइंट

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प्रियदर्शिनी पॉइंट

प्रियदर्शिनी पॉइंट को 'फोरसिथ पॉइंट' भी कहा जाता है. यहां से पूरा पचमढ़ी घाटी का मनमोहक द्दश्य दिखाई देता है, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है. इस दौरान आप सतपुरा नेशनल पार्क की भी सैर कर सकते हैं. वन्यजीव प्रेमियों के लिए सतपुरा नेशनल पार्क किसी स्वर्ग से कंपनी यहां जंगल सफारी के दौरान तेंदुआ भालू हिरण और कई दुर्लभ पक्षियों को देखने का असर मिलता है. साथ ही आप ट्रैकिंग और नेचर वॉक जैसी कई रोमांचक गतिविधियों का भी आनंद ले सकते हैं. 

 

योग और मेडिटेशन

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योग और मेडिटेशन

पचमढ़ी घूमने के साथ-साथ योग और मेडिटेशन के लिए भी एक बेहतरीन स्थान माना जाता है. पर्यटक आमतौर पर धूपगढ़, प्रदर्शनी पॉइंट, पांडव गुफाओं के आसपास जटाशंकर क्षेत्र और जंगलों से गिरे शांत स्थान पर सुबह के समय योग और ध्यान करते हैं. इसके अलावा कई होटल रिसोर्ट और होमस्टे अपने परिसर में खुली जगह पर योग और मेडिटेशन की सुविधा भी प्रदान करते हैं. कुछ पर्यटक गाइड या स्थानीय आयोजकों की मदद से नेचर योग क्षेत्र और मेडिटेशन वर्क का भी अनुभव लेते हैं. शांत वातावरण शुद्ध हवा और प्राकृतिक सुकून के कारण पचमढ़ी योग और मेडिटेशन के लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है.

 

पचमढ़ी कैसे पहुंचे?

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पचमढ़ी कैसे पहुंचे?

पचमढ़ी मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित है. यहां सड़क, रेल और हावाई तीनों मार्गों से आसानी से पहुंचा जा सकता है. पचमढ़ी का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल है. भापोल एयरपोर्ट से पचमढ़ी लगभग 195 किलोमीटर दूर स्थित है. भोपाल से पचमढ़ी के लिए टैक्सी और बस की सुविधा उपलब्ध है. अगर आप ट्रेन से जाना चाहते है तो, पचमढ़ी का निकटतम रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम है जो पचमढ़ी से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां से टैक्स जीप या बस द्वारा पचमढ़ी पहुंचा जा सकता है. मध्य प्रदेश के मुख्य सड़कों से भी पचमढ़ी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप निजी वाहन या टैक्सी से भी पचमढ़ी आसानी से पहुंच सकते हैं.

 

कहां रुकें?

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कहां रुकें?

पचमढ़ी में पर्यटकों के लिए हर बजट और जरूरत के हिसाब रुकने की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध है. यहां लग्जरी होटल से लेकर बजट होटल गेस्ट हाउस और सरकारी रेस्ट हाउस तक कई विकल्प मौजूद है. पचमढ़ी में कई निजी होटल और रिसॉर्ट है, जो आधुनिक सुविधाओं के साथ आरामदायक ठहराव प्रदान करते हैं. यह होटल प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है, जहां से सुंदर नजारे देखने को मिलते हैं. यहां कम बजट में रुकने के लिए गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाएं भी उपलब्ध है. मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (MP Tourism) और वन विभाग द्वारा संचालित गेस्ट हाउस और टूरिस्ट लॉज भी पचमढ़ी में उपलब्ध है. इसके साथ  ही प्राकृति के बीच रहना चाहने वालों के लिए कैंपिंग और होमस्टे की सुविधा भी उपलब्ध है. यहां रुककर पर्यटक शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य का पूरा आनंद ले सकते हैं.

 

पचमढ़ी में क्या खाएं

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पचमढ़ी में क्या खाएं

पचमढ़ी की यात्रा सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां का स्थानीय और पारंपरिक स्वाद भी पर्यटकों को खास अनुभव देता है. यहां मालवा क्षेत्र और आदिवासी संस्कृति से जुड़े कई व्यंजन चखने को मिलते हैं. पचमढ़ी में दाल बाफले, भुट्टे का किस, पोहा जलेबी और कचौड़ी समोसे जैसे मालवीय व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं. यह व्यंजन सादे होते हुए भी स्वाद में लाजवाब होते हैं. यहां महुआ से बने व्यंजन कोदो कुटकी की रोटी और देसी तरीके से पक्की सब्जियां आदिवासी संस्कृति की झलक दिखती है. 

 

पचमढ़ी ट्रिप का अनुमानित बजट

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पचमढ़ी ट्रिप का अनुमानित बजट

पचमढ़ी के 2 से 3 दिन की यात्रा का अनुमानित बजट आपके ठहरने, खाने और यात्रा के साधनों पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर बजट ट्रैवलर्स के लिए पचमढ़ी ट्रिप का खर्चा 7000 से 10000 प्रति व्यक्ति तक आता है. जिसमें बस या ट्रेन से यात्रा, बजट होटल या गेस्ट हाउस में रुकना स्थानीय भोजन और घूमना फिरना शामिल है. अगर आप थोड़ा आरामदायक होटल, टैक्सी और जंगल सफारी जैसी गतिविधियां शामिल करते हैं, तो यह खर्चा 12000 से 18000 रुपए प्रति व्यक्ति तक हो सकता है. वहीं फैमिली या टूर पैकेज लेने पर खर्च सुविधाओं के अनुसार बढ़िया घट सकता है. कुल मिलाकर पचमढ़ी एक ऐसा पर्यटक स्थल है, जहां कम बजट में भी शानदार और यादगार ट्रिप की जा सकती है.

 

गाईड कैसे मिलेगा?

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गाईड कैसे मिलेगा?

पचमढ़ी में घूमने के लिए गाइड आसानी से मिल जाता है. यहां मुख्य पर्यटन स्थलों और जंगल क्षेत्र में वन विभाग के पंजीकृत गाइड उपलब्ध होते हैं. जिन्हें आप फॉरेस्ट ऑफिस या एंट्री काउंटर से ले सकते हैं. इसके अलावा यदि आप किसी होटल या रिसोर्ट में ठहरे हैं तो वहां का स्टाफ भी आपके लिए स्थानीय गाइड या जीप गाइड की व्यवस्था कर देते हैं. कई बार बस स्टैंड या लोकप्रिय दर्शनीय स्थलों के पास स्थानीय गाइड और ड्राइवर भी मिल जाते हैं, जिनसे सीधी बात करके गाइड लिया जा सकता है. जंगल सफारी और फॉरेस्ट एरिया में घूमने के लिए पंजीकृत गाइड लेना न सिर्फ सुरक्षित होता है बल्कि नियमों के अनुसार जरूरी भी माना जाता है.

 

सेफ्टी टिप्स

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सेफ्टी टिप्स

पचमढ़ी में घूमते समय सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह क्षेत्र जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ है. झरना और गहरी घाटियों के पास रेलिंग से बाहर न जाए और फिसलन वाले पत्थरों पर सावधानी बरतें. झरनों के पास नहाते समय अतिरिक्त सतर्कता रखें, क्योंकि पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है. जंगल क्षेत्र और ट्रैकिंग रूट पर पंजीकृत गाइड के साथ ही जाए और अकेले अनजान रास्ता पर ना भटके. वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें छेड़ने या खाना देने से बचें. रात के समय सुनसान इलाकों में घूमने से बचें और स्थानीय प्रशासन व वन विभाग के नियमों का पालन करें. इसके साथ ही पानी, प्राथमिक उपचार किट और जरूरी दवाइयां साथ रखें ताकि आपकी पचमढ़ी यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे.

 

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