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मुरैना में गाय-भैसों की किडनैपिंग के बाद बदमाशों की तलाश में हथियार लेकर जंगल पहुंच गए सैकड़ों ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक 7,8 हथियार बंद बदमाशों ने गायों का अपहरण किया और अब वह लोग पहाड़गढ़ इलाके के जंगलो में भागे हैं. जिसके चलते 80 से अधिक ग्रामीण जंगलों में उनकी तलाश कर रहे हैं.

मुरैना में गाय-भैसों की किडनैपिंग के बाद बदमाशों की तलाश में हथियार लेकर जंगल पहुंच गए सैकड़ों ग्रामीण

मुरैनाः मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पहाड़गढ़ इलाके में 80 से अधिक ग्रामीण जंगलों की खाक छान रहे है. दरअसल दो दिन पहले जिले की सीमा से सटे श्योपुर जिले के सेवापुरा गांव से 18 भैंसो का अपहरण कर लिया गया. ग्रामीणों के मुताबिक 7,8 हथियार बंद बदमाशों ने गायों का अपहरण किया और अब वह लोग पहाड़गढ़ इलाके के जंगलो में भागे हैं. जिसके चलते 80 से अधिक ग्रामीण जंगलों में उनकी तलाश कर रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार बदमाशों में डकैत गुड्डा गुर्जर और केशव गुर्जर की गैंग शामिल है. अगर ये घटना डकैतों ने की है तो एक बार फिर से जिले में डकैतों की दस्तक हो चुकी है.

बता दें श्योपुर जिला और मुरैना जिले की सीमा के जंगल डकैतों के लिए हमेशा से शरण स्थली रहे हैं. पहाड़गढ़ इलाके के घने जंगलों में डकैतों को आसनी से छिपने की जगह मिल जाती है. हालांकि इस घटना के बाद सेवापुरा इलाके के ग्रामीण जंगल की खाक छान रहे हैं. मुरैना पुलिस के अनुसार उन्हें अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली हैं कि डकैत पहाड़गढ़ इलाके के जंगलो में हैं और अगर ऐसा है तो पुलिस इस मामले में कार्रवाई जरूर करेगी.

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घटना के बाद पुलिस के पहुंचने की फिल्मी कहानी हकीकत में भी सही है. घटना के बाद अभी तक पुलिस ने कोई भी सर्चिंग अभियान शुरू नहीं किया है. सीमावर्ती जिले में घटना होने के बाद पुलिस इंतजार में है कि पहले जिले में वारदात हो तब जाकर वो एक्षन लेंगे. पास के जिले के ही सही अगर 80 ग्रामीणों के साथ जिले की सीमा में कोई हादसा होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा ये तो पुलिस को तय करना होगा