MP: अतिथि विद्वानों का धरना 19वें दिन भी जारी, 2500 से ज्यादा को थमाया गया फालेन आउट

अतिथि विद्वानों का साफ कहना है कांग्रेस ने जो वचन दिया था, हमें नियमित करने का हमने कांग्रेस को वोट दिए हैं, अब सरकार में कांग्रेस है. कांग्रेस नियमितीकरण कर अपना वचन निभाये.

MP: अतिथि विद्वानों का धरना 19वें दिन भी जारी, 2500 से ज्यादा को थमाया गया फालेन आउट

विवेक पटैया/भोपाल: भोपाल के यादगारे शाहजहांनी पार्क में धरना दे रहे अतिथि विद्वानों के धरने का आज यानी शनिवार को 19वां दिन है. कड़ाके की ठंड में अपने बच्चों के साथ धरना दे रहे अतिथि विद्वान अब गुस्से मे हैं. अतिथि विद्वानों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ जब कह चुके हैं कि किसी भी अतिथि विद्वान को बाहर नही किया जाएगा तो, फिर भी उन्हें फालेन आउट के आदेश थमाए जा रहे हैं. जिन-जिन कॉलेजों में पीएससी से चयनित उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग हो रही है. वहां पर अतिथियों को नौकरी से बाहर किया जा रहा है. अब तक करीब 2500 से ज्यादा अतिथि विद्वानों को फालेन आउट दे दिया गया है. 

अतिथि विद्वानों का साफ कहना है कांग्रेस ने जो वचन दिया था, हमें नियमित करने का हमने कांग्रेस को वोट दिए हैं, अब सरकार में कांग्रेस है. कांग्रेस नियमितीकरण कर अपना वचन निभाये. कई महिला अतिथि विद्वान अपने बच्चों के साथ ठंड में धरना स्थल पर पिछले 19 दिन से रुकी हुई हैं. अतिथि विद्वान तब तक जाने को तैयार नहीं हैं, जब तक की सरकार उन्हें नियमितीकरण का लिखित में कोई आदेश न दे दे. गौरतलब है कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी अतिथि विद्वानों के धरना स्थल पर पहुंचकर अतिथि विद्वानों से धरना खत्म करने का आग्रह कर चुके हैं. 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा है कि बीजेपी ने विधानसभा सत्र के दौरान अतिथि विद्वानों के मुद्दे को सदन में उठाया था. कांग्रेस सरकार राजनीति कर रही है. राकेश सिंह ने कहा कि अतिथि विद्वान बेहाल हैं. हमारे नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान अतिथि विद्वानों से मिलने उनके धरने पर पहुंचे थे. मैं स्वयं अतिथि विद्वानों से मिल चुका हूं. सरकार अतिथि विद्वानों पर ध्यान नही दे रही है, सिर्फ आश्वासन दे रही है. वहीं, कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने अतिथि विद्वानों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अतिथि विद्वान को बाहर नही किया जा रहा है. आप अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दें. च्वाइस फिलिंग एक प्रकिया है. कुणाल चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ कह चुके हैं कि किसी भी अतिथि विद्वान को बाहर नही करेंगे.