close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ग्वालियरः मंदिर के बाहर लगे पोस्टर, भक्त पॉलीथिन में लाए प्रसाद तो भगवान को नहीं लगाया जाएगा भोग

चीन मंदिरों में शुमार अचलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी बाकायदा एक पोस्टर लगा दिया गया है, जिस पर भक्तों को साफ-साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि पर्यावरण की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर पर पॉलिथीन पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दी गई है.

ग्वालियरः मंदिर के बाहर लगे पोस्टर, भक्त पॉलीथिन में लाए प्रसाद तो भगवान को नहीं लगाया जाएगा भोग
मंदिर के बाहर लगाए गए हैं प्लास्टिक में प्रसाद न लाने के पोस्टर

ग्वालियरः प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ अब ग्वालियर में लोगों को जागरूक करने के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. ग्वालियर के अधिकतर मंदिरों पर पॉलीथिन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है, कई मंदिरों के बाहर सूचना लगा दी गई है कि अगर भक्त पॉलीथिन में प्रसाद लाए तो उनका भोग स्वीकार नहीं किया जाएगा. कई मंदिर पर प्रसाद बेचने वालों को चेतावनी दे दी गई है, कि अगर दुकानदारों ने पॉलिथीन में प्रसाद दिया तो उनकी दुकानें यहां से हटा दी जाएंगी.

मंदिर में लोगों को जागरूक करने की सूचना देने वाले मंदिरों पर बैनर पोस्टर भी लगाए गए हैं. प्राचीन मंदिरों में शुमार अचलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी बाकायदा एक पोस्टर लगा दिया गया है, जिस पर भक्तों को साफ-साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि पर्यावरण की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर पर पॉलीथिन पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दी गई है.

देखें LIVE TV

ग्वालियर में महिलाओं ने चप्पल से कर दी सरकारी अफसर की धुनाई, CCTV में कैद हुई वारदात

मंदिर के पुजारी ज्ञानेश शर्मा का कहना है कि जिस तरीके से देश के प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर को सभी लोगों से अपील की है, कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें. ऐसे में मंदिर की भी जिम्मेदारी बन जाती है कि पर्यावरण को बचाने के लिए इस दिशा में कोई काम करे. इसलिए हम लोगों ने साफ निर्देश जारी कर दिए हैं कि जो भक्त पॉलीथिन में प्रसाद लाएंगे, उनका प्रसाद भगवान को नहीं चढ़ाया जाएगा.

मध्य प्रदेशः अचानक होने वाले छापों से परेशान मावा कारोबारियों ने लगाई मंत्री जी से गुहार, मिला ऐसा जवाब

वहीं इस बारे में दुकानदार का कहना है कि मंदिर के निर्देश के बाद वह कागज के पैकेट में प्रसाद दे रहे हैं. इसके साथ ही वह कागज के थैलों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके अलावा जो फूल मालाएं हैं वह भी पन्नी में न देकर कागज में लपेट कर दी जा रही हैं. वहीं भक्तों का मानना है कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए इस दिशा में मंदिर की ओर से उठाया गया यह कदम बहुत ही सराहनीय है. इसके साथ ही उनका कहना है कि गौ माता जिनकी हम पूजा करते हैं, लेकिन पन्नी खाने से उनकी मौत हो जाती है. अगर उनको मौत के मुंह में जाने से बचाना है, तो जरूरी है कि पॉलिथीन पर पूरी तरीके से रोक लगे.