छत्तीसगढ़: ऑर्गेनिक और हाईटेक गुड़ फैक्ट्री शुरू करने की कवायद तेज

फैक्ट्री में गुणवत्ता युक्त गुड़ के साथ-साथ गुड़ से बनने वाले उत्पाद जैसे लड्‌डू, चिक्की, रामदाना भी तैयार किए जाएंगे.

छत्तीसगढ़: ऑर्गेनिक और हाईटेक गुड़ फैक्ट्री शुरू करने की कवायद तेज
कॉलेज की इस पहल से यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स भी खासे उत्साहित हैं और वे भी इस प्रोजेक्ट को उपयोगी मान रहे हैं.

रायपुर: छत्तीसगढ़ की पहली और देश की दूसरी, ऑर्गेनिक और हाईटेक गुड़ फैक्ट्री कवर्धा में शुरू करने की कवायद तेज़ हो गई हैं. संतकबीर कृषि कॉलेज और अनुसंधान केंद्र के प्रोजेक्ट को अहमियत देते हुए रायपुर की इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने दिल्ली में ICAR यानी इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च को एक पत्र लिखा है. जिसमें कवर्धा में ऑर्गेनिक और हाईटेक गुड़ फैक्ट्री शुरू करने के लिए बजट देने की मांग की गई है.

ऑर्गेनिक और हाईटेक गुड़ फैक्ट्री संतकबीर कृषि कॉलेज परिसर में ही शुरू की जाएगी. जिसके लिए एक एकड़ जमीन के साथ-साथ एक करोड़ 43 लाख रुपये की ज़रूरत है. प्रोजेक्ट के संबंध में सहायक प्रोफेसर ओमनारायण कि माने तो इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्टूडेंट्स व किसानों को ऑर्गेनिक गुड़ बनाने का प्रशिक्षण देना है. वर्तमान समय में गुड़ बनाने के लिए कई प्रकार के केमिकल का उपयोग किया जाता है. लेकिन, कॉलेज में लगने वाली हाईटेक गुड़ फैक्ट्री में बिना किसी केमिकल के गुड़ तैयार किया जाएगा. बता दें कि मौजूदा वक्त में कवर्धा जिले में लगभग 4 सौ गुड़ फैक्ट्रियां संचालित हैं, जो पुरानी पद्धति और केमिकल का प्रयोग कर गुड़ बनाती हैं. ज्यादातर फैक्ट्रियों में या तो केमिकल का इस्तेमाल कर गुड़ बनाया जाता है या सिर्फ तरल रूप में शीरा तैयार किया जाता है. इस शीरे को शराब बनाने के लिए दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जाता है. जिसके चलते छात्रों को निजी गुड़ फैक्ट्री में प्रैक्टिकल कराना पड़ता है.

कॉलेज की ओर से प्रोजेक्ट किस प्रकार व कैसे तैयार होगा, इसके लिए 18 पेज की रिपोर्ट भी है. रिपोर्ट में आर्थिक स्थिति भी बताई गई है. प्रोजेक्ट को दूसरे किसान भी अपनाते हैं, तो उन्हें कॉलेज द्वारा प्रशिक्षण व गाइड लाइन दी जाएंगी. फैक्ट्री में गुणवत्ता युक्त गुड़ के साथ-साथ गुड़ से बनने वाले उत्पाद जैसे लड्‌डू, चिक्की, रामदाना भी तैयार किए जाएंगे. इसके अलावा रोजगार देने के लिए महिला स्वसहायता समूह को भी इससे जोड़ा जाएगा. प्रोजेक्ट के सीईओ कॉलेज के डीन आरके द्विवेदी, प्रबंध संचालक इंजीनियर डीके राय, मैनेजर ओमनारायण वर्मा, डॉ. चन्द्रेश चन्द्राकर रहेंगे.

कॉलेज की इस पहल से यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स भी खासे उत्साहित हैं और वे भी इस प्रोजेक्ट को उपयोगी मान रहे हैं. उनका मानना है कि इस यूनिट के लग जाने से उन्हें भी कुछ नया सीखने को मिलेगा. जिसे वे पढ़ाई के बाद अपने रोजगार के रूप में अपना सकेंगें.