छत्तीसगढ़: ग्रामीणों को मिला विलुप्त प्रजाति का कछुआ, भगवान मानकर करने लगे पूजा

अजीबोगरीब कछुआ मिलने व पूजा-पाठ की खबर आसपास के क्षेत्र में फैल गई. किसी ने मामले की सूचना वन विभाग को दे दी. 

छत्तीसगढ़: ग्रामीणों को मिला विलुप्त प्रजाति का कछुआ, भगवान मानकर करने लगे पूजा
व में विलुप्त प्रजाति का कछुआ पाए जाने की जानकारी वन विभाग की टीम ने अपने आला अफसरों को दी.

नीलम पड़वार/कोरबा: कई बार विलुप्त प्रजाति के जीव-जंतु लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन जाते हैं. जब ऐसे जीव जंतुओं से लोगों का सामना होता है तो, उसे देव मानकर पूजा पाठ शुरू कर दी जाती है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, कोरबा जिले के ग्राम झाबु में जहां एक ग्रामीण के घर के आंगन में विलुप्त प्रजाति का इंडियन स्टार टर्टल नामक कछुआ जा पहुंचा. जैसे ही ग्रामीण की नजर उस विलुप्त प्रजाति के कछुए पर पड़ी तो, उसे भगवान विष्णु का अवतार मानकर उसने पूजा पाठ शुरू कर दी. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ग्रामीण के घर जा पहुंची और कछुए को वन विभाग के सुपुर्द करने की बात कही. ग्रामीण ने एक दिन का समय मांगा है ताकि, वे कछुए की पूजा अर्चना कर सके.

ग्रामीणों की भावनाओं को समझते हुए वन विभाग की टीम ने उन्हें पूजा करने का अवसर दिया. अब वन अधिकारी कछुए को सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी कर रहे हैं. यह मामला कटघोरा वन मंडल के ग्राम झाबु का है. जहां रहने वाले ग्रामीण मनबोध जब सुबह अपने आंगन में पहुंचा तो उसकी नजर एक कछुए पर पड़ी. वह कछुए की पीठ पर स्टारनुमा निशान देख कर चौंक गया. उसने आंगन में कछुआ होने की जानकारी परिजनों को दी. दूसरे कछुए से अलग कछुआ देखकर वे इस कछुए को भगवान मान बैठे और उन्होंने उसकी पूजा शुरू कर दी. यह खबर देखते ही देखते पूरे गांव में फैल गई. ग्रामीणों को भी अलग तरह का कछुआ दिखा तो, वे भी इसे भगवान विष्णु का कच्छप अवतार मानकर पूजा करने लगे.

अजीबोगरीब कछुआ मिलने व पूजा-पाठ की खबर आसपास के क्षेत्र में फैल गई. किसी ने मामले की सूचना वन विभाग को दे दी. वन अफसर मातहत कर्मियों के साथ ग्रामीण के घर जा पहुंचे और उन्होंने कछुए का निरीक्षण किया. वन अफसरों ने कछुए की पहचान विलुप्त प्रजाति इंडियन स्टार टर्टिस के रूप की. इस प्रजाति के कछुए की घटती संख्या को देखते हुए इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर संस्था ने कछुए को लुप्तप्राय वन्य प्राणी के श्रेणी में डाल रखा है. इसके पालन और विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. वन अधिकारियों की मानें तो इस प्रजाति का कछुआ भारत के अलावा श्रीलंका और पाकिस्तान में भी पाया जाता है.

वहीं, गांव में विलुप्त प्रजाति का कछुआ पाए जाने की जानकारी वन विभाग की टीम ने अपने आला अफसरों को दी. अफसरों ने दुर्लभ प्रजाति के कछुए को कब्जे में लेने के निर्देश दिए. जिसके बाद वनकर्मियों ने ग्रामीणों से कछुआ वन विभाग को सौंपने की बात कही. आस्था में डूबे ग्रामीणों ने कछुए की पूजा अर्चना के लिए 1 दिन का समय मांगा. ग्रामीणों की भावना को देखते हुए वन विभाग की टीम वापस लौट गई. अब अगली सुबह वन विभाग की टीम कछुए को कब्जे में लेगी. जिसके बाद उसे अफसरों के निर्देश पर सुरक्षित स्थान भेजा जाएगा.