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इंदौरः Eye हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 10 मरीजों के आंखों की रोशनी गई

मध्य प्रदेश के इंदौर के एक अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां मोतियाबिंद का इलाज कराने आए 10 मरीजों के आंखों में इन्फेक्शन के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई.

इंदौरः Eye हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 10 मरीजों के आंखों की रोशनी गई
घटना के बाद ऑपरेशन थियेटर के सभी उपरकरण, दवाइयां और फ्ल्यूड के सैंपल जांच के लिए MGM मेडिकल कॉलेज की लैब में भेज दिए गए हैं.

इंदौरः मध्य प्रदेश के इंदौर के एक अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां मोतियाबिंद का इलाज कराने आए 10 मरीजों के आंखों में इन्फेक्शन के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई. मामला इंदौर के आई हॉस्पिटल का है, जहां मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 10 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन समेत पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया. 

मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. जिसके बाद मरीजों की आंखों में इन्फेक्शन हुआ और कुछ मरीजों ने दिखाई नहीं देने की शिकायत की. ऑपरेशन कराने वाले मरीजों में से कुछ को एक तो कुछ को दोनों आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया है और अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन पर पाबंदी लगा दी है.

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वहीं अस्पताल के उपकरणों को जांच के लिए एमजीएम अस्पताल में भेजा गया है. इससे पहले 2011 में भी 18 मरीजों की इसी हॉस्पिटल में आंखों की रोशनी गई थी, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की आंखें बंद हैं. बता दें मोतियाबिंद का यह ऑपरेशन 8 अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत किया गया था, जिसमें 10 मरीजों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी है.

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घटना के बाद ऑपरेशन थियेटर के सभी उपरकरण, दवाइयां और फ्ल्यूड के सैंपल जांच के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेज दिए गए हैं. वहीं घटना के बाद पीड़ितों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और अस्पताल पर ताला जड़ने की भी मांग की है.