इंदौरः अब पेड़ों का भी बनेगा आधार कार्ड, नगर निगम खर्च करेगा लगभग 1 करोड़

 नगर निगम की मॉनिटरिंग टीम लगातार पेड़ो की देखभाल कर पेड़ो की जानकारी ऑनलाइन अपडेट करेगी.

इंदौरः अब पेड़ों का भी बनेगा आधार कार्ड, नगर निगम खर्च करेगा लगभग 1 करोड़
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
Play

व सफाई की लिस्ट में नंबर 1 पर अपनी जगह बनाने के बाद इंदौर अब पर्यावरण की दृष्टि से भी नंबर वन बनने जा रहा है. इंदौर को हरित इंदौर बनाने के लिए इंदौर नगर निगम ने पेड़ों का भी आधार कार्ड बनाने का अनोखा निर्णय लिया है. पेड़ों का आधार कार्ड बनाने के लिए नगर निगम करीब 1 करोड़ की राशि खर्च करने जा रहा है. शुरुआत में करीब 2 लाख पेड़ों का आधार कार्ड बनाकर इंदौर नगर निगम इन पेड़ों से जुड़ी सारी जानकारी सॉफ्टवेयर पर अपडेट करने की तैयारी में है. जिसके साथ नगर निगम की मॉनिटरिंग टीम लगातार पेड़ो की देखभाल कर पेड़ो की जानकारी ऑनलाइन अपडेट करेगी. यही नहीं, इंदौर नगर निगम पेड़ों का आधार कार्ड बनाने के लिए बही खाता भी तैयार करने जा रहा है.

देश का सबसे साफ शहर कैसे बन गया MP का इंदौर? सुरों ने जलाई स्वच्छता की मशाल

सॉफ्टवेयर में अपडेट होगी जानकारी
बता दें नगर निगम के इस बहीखाता द्वारा यह पता चल सकेगा कि शहर में कितने और किस प्रजाती के पेड़ हैं. सॉफ्टवेयर के जरिए यह भी जानकारी दी जाएगी कि कौन सा पेड़ कितनी ऑक्सीजन देता है और जनता के लिए कितना फायदेमंद है. इंदौर को क्लीन इंदौर बनाने के बाद अब निगम शहर को ग्रीन इंदौर बनाने की कोशिशों में जुट गया है. जिसके तहत जल्द ही शहर में मौजूद पेड़ों की टैगिंग शुरू कर दी जाएगी. बता दें निगम की इस परियोजना के तहत शुरुआत में केवल 4 हजार पेड़ों को ही लिया गया था, लेकिन बाद में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के 2 लाख पेड़ों को जियो टैगिंग के लिए चुना गया.

पटना में बढ़ी गंदगी, कटिहार बना राज्य का सबसे स्वच्छ शहर

करीब 2 लाख पेड़ों का आधार कार्ड
बता दें यह पहली बार है जब देश में किसी पेड़ का आधार कार्ड बनाया जाएगा. इससे पहले ऐसा अनोख प्रयोग कहीं नहीं किया गया है. निगम अधिकारियों के मुताबिक कहीं न कहीं इसका फायदा 2019 में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में भी होगा. इंदौर नगर निगम में डिप्टी कमिश्नर उद्यानिकी कैलाश जोशी बताते हैं कि 'पेड़ के आधार कार्ड बनाये जा रहे हैं, इससे पेड़ो की संख्या का पता चलेगा. इंदौर के 11 जोन के पेड़ो पर टैग लगाए जा रहे हैं. इससे साफ हो जायेगा जिस जोन में कितने और किस प्रजाति के पेड़ हैं. लगभग 2 लाख पेड़ो पर क्यूआर कोड युक टैग लगाया जायेगा. पेड़ो मॉनिटरिंग हर दिन माह में की जाएगी. सॉफ्टवेयर पर अपडेट फोटो डालेगा.