Raja Raghuvanshi Murder Case Update: इंदौर के बिजनेसमैन राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में शिलॉन्ग पुलिस ने 2 लोगों को क्लीनचिट दे दी है और उन्हें रिहा कर दिया गया है. पुलिस ने बताया कि जांच और वेरिफिकेशन में मामले में उनकी भूमिका साबित नहीं हुई. इसलिए, उन्हें बरी कर दिया गया.
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Raja Raghuvanshi Murder Case Update: इंदौर के बिजनेसमैन राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है और सबूत नहीं मिलने की वजह से शिलॉन्ग पुलिस ने 2 लोगों को क्लीनचिट दे दी है. इसके साथ ही उनके नाम चार्जशीट से भी हटा दिए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि प्रारंभिक जांच और सबूतों के आधार पर 2 लोगों को क्लीनचिट दी गई है, क्योंकि इन दोनों व्यक्तियों की राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में कोई भी भागीदारी नहीं पाई गई है. बता दें कि शादी के बाद हनीमून पर शिलांग गए राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और कथित प्रेमी राज कुशवाह हैं. इसके अलावा विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर सुपारी लेकर हत्या करने का आरोप है. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और कोर्ट कई बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है.
अब रिहा किए गए 2 लोग कौन हैं और उन क्या आरोप थे?
शिलॉन्ग पुलिस ने जिन 2 लोगों को क्लीनचिट दी है, उनके नाम बलबीर अहिरबार और लोकेंद्र सिंह तोमर हैं. बलबीर और लोकेंद्र को राजा रघुवंशी हत्याकांड के सबूत मिटाने और छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, पिछले साल जुलाई में एक स्थानीय अदालत ने दोनों को जमानत दे दी थी और दोनों फिलहाल जेल से बाहर थे.
सबूत मिटाने के लिए अब सिर्फ एक आरोपी पर चलेगा केस
शिलॉन्ग पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में बलबीर और लोकेंद्र की संलिप्तता से इनकार किया है. ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस सुपरिटेंडेंट विवेक सिएम ने कहा, 'जांच और वेरिफिकेशन में मामले में उनकी भूमिका साबित नहीं हुई. इसलिए, उन्हें बरी कर दिया गया और रिहा कर दिया गया.' उन्होंने कहा कि एक विस्तृत और वैज्ञानिक जांच में पता चला कि सबूतों से छेड़छाड़ के लिए सिर्फ एक व्यक्ति जिम्मेदार था. पुलिस ने इसके बाद मामले में दूसरी चार्जशीट दायर की है. सबूत नष्ट करने के आरोपों में शुरू में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में से सिर्फ एक शिलोम जेम्स (प्रॉपर्टी डीलर) के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है और अब उस पर मुकदमा चलेगा.
पुलिस ने पेश की थी 790 पन्नों की चार्जशीट
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर के आखिर में शिलॉन्ग पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (राजा रघुवंशी की पत्नी), उसके प्रेमी राज कुशवाहा, आकाश राजपूत, आनंद कुर्मी और विशाल सिंह चौहान के खिलाफ 790 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी. आकाश, आनंद और विशाल पर आरोप है कि उन्होंने सोनम और राज द्वारा बनाए गए मर्डर प्लान को अंजाम दिया था. इस बीच, हत्या के मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी न्यायिक हिरासत में है और उसकी जमानत याचिका पहले ही कोर्ट ने खारिज कर दी थी.
11 मई को शादी और 23 मई को हत्या
बता दें कि इंदौर के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी पिछले साल 11 मई को इंदौर की सोनम रघुवंशी से हुई. इसके बाद राजा और सोनम 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जिसका टिकट सोनम ने ही कराया था. इसके बाद 23 मई को दोनों शिलॉन्ग से लापता हो गई और फिर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. 10 दिन बाद पुलिस को 30 फीट गहरी खाई में राजा का शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ. राजा पर धारदार हथियार से हमला किया गया था और फिर पहाड़ी से नीचे गिरा दिया गया था.
राजा के शव मिलने बाद भी सोनम का कोई सुराग नहीं मिला और इसमें किसी इंटरनेशनल गैंग के शामिल होने की चर्चा होने लगी. कई दिन बाद सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली और पुलिस के सामने सरेंडर किया. पूछताछ के बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ और पता चला कि सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे. इसी वजह से सोनम और राज ने मिलकर राजा के मर्डर का प्लान बनाया था. इसके बाद हनीमून के बहाने राजा को लेकर सोनम शिलॉन्ग में सुदूर स्थान पर ले गई. उसने आकाश, आनंद और विशाल को भी बुला लिया, जिन्होंने राजा पर धारदार हथियार से हमला किया और शव को नीचे फेंक दिया. सोनम और राज के अलावा हत्या के आरोपी आकाश, आनंद और विशाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.