नकली रेमेडिसीवर मामला: सरबजीत के अस्पताल में रेमेडीसीवर लगने से हुई इकलौते बेटे की मौत, बूढ़े पिता ने पुलिस के सामने किए कई अहम खुलासे

मृतक के पिता का कहना है उनकी आंखों के सामने अस्पताल में पुलिस की रेड पड़ी. साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने अस्पताल कर्मी को बड़ी मात्रा में दवाई और इंजेकशन को नष्ट करते देखा. 

नकली रेमेडिसीवर मामला: सरबजीत के अस्पताल में रेमेडीसीवर लगने से हुई इकलौते बेटे की मौत, बूढ़े पिता ने पुलिस के सामने किए कई अहम खुलासे
सांकेतिक तस्वीर

कर्ण मिश्रा/जबलपुर: देश प्रदेश में इन दिनों नकली रेमेडिसीवर इंजेक्शन का मामला काफी सुर्खियों में बना हुआ है. मध्य प्रदेश के जबलपुर में नकली रेमेडिसीवरलगने से जिन लोगों की मौते हुईं उनके परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं. 

जबलपुर के पनागर के रहने वाले वृद्ध व्यक्ति ने अपने बुढ़ापे का एकमात्र सहारा अपना बेटा खो दिया.बुजुर्ग का बेटा अपने पीछे दो साल की मासूम बच्ची और पत्नी को अकेला छोड़ गया. रोते बिलखते वृद्ध पिता ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है.

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दरअसल नकली रेमेडीसीवर इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस के पास लगातार पीड़ितों की शिकायतें पहुंच रही हैं. ऐसी ही एक शिकायत लेकर वृद्ध टेकचंद बिरानी ओमती थाने पहुंचे. इन्होंने अपने 35 साल के बेटे जगदीश बिरानी को कोरोनो होने पर नकली रेमेडिसिवर इंजेक्शन के सरगना सरबजीत सिंह मोखा के सिटी अस्पताल में बीती 21 अप्रैल को भर्ती कराया गया था. वही 9 मई को संदिग्ध तरीके से उसकी मौत हो गई.

टेकचंद का कहना है उनकी आंखों के सामने अस्पताल में पुलिस की रेड पड़ी. साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने अस्पताल कर्मी को बड़ी मात्रा में दवाई और इंजेकशन को नष्ट करते देखा. वृद्ध टेकचंद के अनुसार उनके बेटे को भी नकली रेमेडिसिवर इंजेक्शन लगाए गए,जिसके कारण उसकी मौत हो गयी.

वृद्ध टेकचंद की शिकायत पर पुलिस ने उन्हें जांच और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी.

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