जन्माष्टमी पर इंदौर के दौरे पर थे अखिलेश, ऐन वक्त पर रद्द किया दौरा

सपा की प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष मूलचंद यादव बंते ने बताया कि व्यस्तताओं के चलते  अखिलेश यादव शोभायात्रा में शामिल होने इंदौर नहीं आ सके.

जन्माष्टमी पर इंदौर के दौरे पर थे अखिलेश, ऐन वक्त पर रद्द किया दौरा
फाइल फोटो

इंदौर: समाजवादी पार्टी से वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के अलग होकर नई पार्टी बनाने के बाद दल में जारी उथल पुथल के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रस्तावित अपना इंदौर दौरा निरस्त कर दिया. जन्माष्टमी के अवसर पर अखिलेश यादव समाज की पारंपरिक शोभायात्रा में शामिल होने वाले थे. मध्यप्रदेश में इस साल के आखिर में होने वाले विधासनसभा चुनावों के मद्देनजर उनका यह दौरा सियासी तौर पर महत्वपूर्ण आंका जा रहा था, क्योंकि समाजवादी पार्टी सूबे में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है. 

समाजवादी पार्टी की प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष मूलचंद यादव बंते ने "पीटीआई-भाषा" को बताया, "सपा प्रमुख अपनी कुछ व्यस्तताओं के चलते यादव समाज की शोभायात्रा में शामिल होने इंदौर नहीं आ सके. उनका यह दौरा निरस्त हो गया." यादव ने बताया कि अखिलेश ने सपा की युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव के जरिए स्थानीय लोगों के लिए जन्माष्टमी पर अपनी शुभकामनाएं भिजवायीं.

चाचा शिवपाल को लेकर अखिलेश का बड़ा बयान, कहा- हमारे घर में लोकतंत्र है

अखिलेश के चाचा और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने अपनी कथित उपेक्षा के बाद सपा से हाल ही में अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाया है. इसके साथ ही, ऐलान किया है कि उनकी नई पार्टी उत्तरप्रदेश की सभी 80 सीटों पर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेगी. 

चाचा शिवपाल को लेकर अखिलेश का बड़ा बयान, कहा- हमारे घर में लोकतंत्र है
शिवपाल यादव और अखिलेश यादव. (फाइल फोटो)

पिछले दिनों एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल यादव द्वारा बनाए गए समाजवादी सेक्युलर मोर्चे पर खुलकर बातचीत की थी. अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे घर में लोकतंत्र है. लोकतंत्र का इससे बेहतरीन उदाहरण नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि हम चाचा (शिवपाल यादव) का सम्मान करते हैं. 

अमर सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि आज भी हम उनको अंकल ही बुलाते हैं. जब उनसे पूछा गया कि अमर सिंह तो उन्हें नमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष कह कर बुलाते हैं, जवाब में अखिलेश ने कहा कि आपलोग उनके कहने का मतलब नहीं समझ पाए. दरअसल, पार्टी ने उनको बहुत कुछ दिया है. उन्हें बहुत कुछ नवाजा गया है. इसलिए, उन्होंने हमारी तारीफ में नमाजवादी पार्टी का अध्यक्ष कहा है.

(इनपुट-भाषा)