जतारा: कांग्रेस ने ये सीट अपने गठबंधन साथी के लिए छोड़ी

टीकमगढ़ की जतारा विधानसभा सीट पर अभी कांग्रेस का कब्ज़ा है. 2013 के चुनाव में यहां से दिनेश कुमार अहिरवार कांग्रेस की टिकट पर जीतकर आए थे.

जतारा: कांग्रेस ने ये सीट अपने गठबंधन साथी के लिए छोड़ी
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली : मध्यप्रदेश में जतारा एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां कांग्रेस ने बिहार के नेता शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल से गठबंधन किया है. लोकतांत्रिक जनता दल ने सागर के कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. विक्रम चौधरी को टिकट दिया है. 

जतारा विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्ज़ा
टीकमगढ़ की जतारा विधानसभा सीट पर अभी कांग्रेस का कब्ज़ा है. 2013 के चुनाव में यहां से दिनेश कुमार अहिरवार कांग्रेस की टिकट पर जीतकर आए थे. उन्होंने बीजेपी के हरी शंकर खटीक को हराया था. जतारा सीट पर 1998, 2003 और 2008 में बीजेपी लगातार जीतते आई थी, लेकिन पिछले चुनाव में कांग्रेस ने बाजी पलट दी. 

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प्रदेश की एकमात्र सीट जहां हुआ गठबंधन  
जतारा में अहिरवार समाज को मुख्यत: कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता है. इस बार उम्मीदवार मैदान में नहीं होने से यह वोट बैंक महान दल या किसी अन्य दल की तरफ जा सकता है. वहीं लोकतांत्रिक जनता दल के प्रत्याशी डॉ. विक्रम चौधरी का कहना है कि जतारा प्रदेश की एकमात्र सीट है, जहां शरद यादव से गठबंधन हुआ है. खरगापुर से कांग्रेस की विधायक चंदारानी गौर जतारा की रहने वाली हैं. उनका कहना है कि डॉ. विक्रम चौधरी को जिताने के भरसक प्रयास किए जाएंगे.  

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जतारा में समाजवादी आंदोलन का पुराना इतिहास
गठबंधन के लिए बुंदेलखंड की जतारा सीट का ही चयन क्यों किए जाने के सवाल पर समाजवादी नेता गोविंद यादव कहते हैं कि जतारा में समाजवादी आंदोलन का पुराना इतिहास रहा है. शरद यादव के पूर्वजों का यह गृहग्राम रहा है, इस क्षेत्र में यादव के परिजन-रिश्तेदार अब भी रहते हैं. इसके अलावा रतलाम जिले के सैलाना में भी समाजवादियों का प्रभाव है.  यही वजह है कि वहां भाजपा को हराने के लिए लोजद ने कांग्रेस के साथ फ्रेंडली फाइट की रणनीति बनाई है.