MP: ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस डिनर में पहुंचे, उससे CM कमलनाथ ने बनाई दूरी

ज्योतिरादित्य सिंधिंया भोपाल दौरे पर हैं. उन्होंने गुरुवार रात राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की ओर से आयोजित डिनर में हिस्सा लिया लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ इस आयोजन में शामिल नहीं हुए.

MP: ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस डिनर में पहुंचे, उससे CM कमलनाथ ने बनाई दूरी
ज्योतिरादित्य सिंधिंया की फाइल फोटो.

भोपाल: राज्यसभा भेजे जाने और प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की बात पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा, 'मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में किसी भी पद को लेने की चाहत नहीं की है.' उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने या राज्यसभा भेज जाने की अटकलों से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, 'राजनीति मेरे लिए समाज सेवा है, जिसे मैं अच्छे से कर रहा हूं.' मुख्यमंत्री कमलनाथ से नहीं मिलने के सवाल पर ज्योतिरादित्य ने कहा, 'हर बार जरूरी नहीं है कि मुख्यमंत्री से मिला जाए.' 

ज्योतिरादित्य सिंधिंया जिस डिनर में पहुंचे उससे मुख्यमंत्री कमलनाथ रहे दूर
इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को भोपाल में राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निवास पर आयोजित डिनर में हिस्सा लिया. इस डिनर में मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी आना था लेकिन वह नहीं पहुंचे. वहीं, आरिफ अकील, सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी, तरुण भनोत, पीसी शर्मा भी इस डिनर में नजर नहीं आए. अपने मध्य प्रदेश दौरे के दौरान कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया युवाओं से भी संवाद करेंगे. वह 19 जनवरी तक मध्य प्रदेश में ही रहेंगे. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भी युवाओं से संवाद किया था. कांग्रेस सरकार के एक साल पूरा होने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे.

ज्योतिरादित्य सिंधिंया से मिलने के लिए उतावली हुई भीड़, टूट गया हॉल गेट
शुक्रवार सुबह सिंधिया मंत्री सुखदेव पांसे के घर पहुंचे और उनके साथ चाय पर चर्चा की. यहां से वह सीधे प्रदेश कांग्रेस दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे मिलने के लिए उनके समर्थकों का हुजूम टूट पड़ा. भीड़ ने सिंधिया से मिलने के लिए हंगामा कर दिया और पीसीसी दफ्तर में दूसरी मंजिल की मीटिंग हॉल का एक गेट भी टूट गया. छपाक फिल्म को टैक्स फ्री करने और तान्हाजी फिल्म को टैक्स फ्री नहीं किए जाने पर उन्होंने कहा कि सामाजिक संदेश देने वाली और ऐतिहासिक फिल्में अच्छी होती हैं, लेकिन टैक्स फ्री करने का फैसला सरकार को लेना है.