कमलनाथ को सिंधिया का जवाब, 'मैं जनता का सेवक हूं, वादे पूरे नहीं हुए तो सड़क पर उतरूंगा'

ज्योतिरादित्य सिंधि ने कमलनाथ के 'तो उतर जाएं' वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि वह जनता के सेवक हैं और वादे पूरे नहीं हुए तो सड़क पर उतरेंगे.

कमलनाथ को सिंधिया का जवाब, 'मैं जनता का सेवक हूं, वादे पूरे नहीं हुए तो सड़क पर उतरूंगा'
ज्योतिरादित्य सिंधिया की फाइल फोटो.

ग्वालियर: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के 'तो उतर जाएं' वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. ग्लावियर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ''मैं जनसेवक हूं और जनता के मुद्दों के लिए लड़ना मेरा धर्म है. मैंने पहले भी कहा है कि सब्र रखना है, क्योंकि अभी एक साल हमें प्रदेश की सत्ता में हुआ है. लेकिन लोगों से किए गए हर वचन को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है और इसे पूरा करना होगा. वचन पूरा नहीं होने की स्थिति में हम बिल्कुल सड़क पर उतरेंगे.'' 

सिंधिया ने कही थी सड़क पर उतरने की बात
आपको बता दें कि बीते 13 फरवरी को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने टीकमगढ़ में अतिथि शिक्षकों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, ''वचन पत्र हमारे लिए ग्रंथ है और इसका एक-एक वाक्य पूरा नहीं हुआ तो खुद को सड़क पर अकेला मत समझना. मैं भी सड़क पर उतरूंगा.'' सिंधिया ने यह टिप्पणी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर कही थी. सिंधिया के इस बयान के बाद से मध्य प्रदेश कांग्रेस में खींचतान बढ़ गई है. भाजपा भी सिंधिया के इस बयान को लेकर कमलनाथ और उनकी सरकार के खिलाफ हमलावर रुख अपनाए हुए है.

सीएम कमलनाथ ने कहा था, ''तो उतर जाएं''
पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस बयान को लेकर पत्रकारों ने दिल्ली में जब मुख्यमंत्री कमलनाथ से सवाल किया था तो उन्होंने तल्ख लहजे में कहा था ''तो उतर जाएं.'' कमलनाथ सरकार में महिला विकास मंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया की कट्टर समर्थक माने जाने वाली इमरती देवी ने कहा था कि अगर महाराज सड़क पर उतरे तो पूरी कांग्रेस उनके साथ सड़क पर होगी. वहीं सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने कहा था कि सिंधिया पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें आराम से बैठकर चर्चा करनी चाहिए.