अतिथि विद्वानों को सिंधिया का साथ, बोले- 'मेनिफेस्टो में दर्ज बात नहीं हुई पूरी तो साथ रहूंगा खड़ा'

सिंधिया ने कहा, ''मैंने अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण को लेकर चुनाव से पहले भी आवाज उठाई थी और अगर मांग पूरी नहीं होती है तो आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया खड़ा होगा.''  

अतिथि विद्वानों को सिंधिया का साथ, बोले- 'मेनिफेस्टो में दर्ज बात नहीं हुई पूरी तो साथ रहूंगा खड़ा'
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया अतिथि शिक्षकों का समर्थन.

टीकमगढ़: पिछले दो महीने से भी ज्यादा वक्त से भोपाल में धरने पर बैठे अतिथि विद्वानों और अतिथि शिक्षकों के समर्थन में अब कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया उतर आए हैं. सिंधिया ने कहा, ''मैंने अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण को लेकर चुनाव से पहले भी आवाज उठाई थी और अगर मांग पूरी नहीं होती है तो आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया खड़ा होगा.''

हालांकि, सिंधिया ने अतिथि शिक्षकों को सब्र करने की भी नसीहत दी, उन्होंने कहा कि अभी सरकार को एक साल हुआ है थोडा सब्र हमारे शिक्षकों को भी रखना होगा. उन्होंने अतिथि शिक्षकों को आश्वासन देते हुए कहा कि आपकी तलवार भी मैं बनूंगा और ढाल भी.

कुडीला गांव में आयोजित संत रविदास प्रकट उत्सव कार्यक्रम में संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण की मांग सरकार के मेनिफेस्टो में अंकित है. वो मेनिफेस्टो हमारे लिये ग्रंथ बनता है. उन्होंने कहा, ''मेनिफेस्टो का एक भी अंक पूरा नहीं हुआ तो सड़क पर आप अपने आपको अकेला न समझना, आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया खडा होगा.''

वहीं, दिल्ली चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ये परिणाम कांग्रेस के लिए बेहद निराशाजनक हैं. ऐसे में हमें नई सोच, नई विचारधारा और नई कार्य प्रणाली की सख्त जरुरत है. सिंधिया ने कहा कि देश बदल चुका है और ऐसे में हमें भी अपनी नई सोच, नई विचारधारा के साथ मिलकर देश की जनता के सामने जाना होगा.