चव्हाण के ट्वीट पर बोले विजयवर्गीय, 'सोनिया जी से कहकर अन्य धार्मिक स्थलों के खातों से भी मदद करवाइए'

 भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पृथ्वीराज चव्हाण के इस ​सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मंदिर वाले तो सब कर ही रहे हैं. वे सोनियाजी से कहें कि गरीबों की मदद के लिए अन्य धार्मिक स्थलों के भी ताले खुलवाएं. उनके अकाउंट को चेक करवाएं.'

चव्हाण के ट्वीट पर बोले विजयवर्गीय, 'सोनिया जी से कहकर अन्य धार्मिक स्थलों के खातों से भी मदद करवाइए'
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय.

इंदौर: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने ट्वीट कर कहा था कि देश के विभिन्न धार्मिक ट्रस्टों के पास जमा सोने का कोरोना संकटकाल में इस्तेमाल होना चाहिए. उनके इस ट्वीट पर सियासत गरमा गई है. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पृथ्वीराज चव्हाण के इस ​सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मंदिर वाले तो सब कर ही रहे हैं. वे सोनियाजी से कहें कि गरीबों की मदद के लिए अन्य धार्मिक स्थलों के भी ताले खुलवाएं. उनके अकाउंट को चेक करवाएं.'

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कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'अन्य धर्मों के भी धार्मिक स्थल हैं. उनके भी अकाउंट हैं. इनके बारे में कभी कुछ क्यों नहीं बोल जाता, हमेशा मंदिरों के बारे में ही बोलते हैं. मंदिर वाले तो सब कर ही रहे हैं. यहां पर (इंदौर बाइसपास पर श्रमिकों की सेवा के लिए) जो टेंट देख रहे हैं यह हनुमान मंदिर का ही टेंट लगा है. शिरडी के सांई बाबा और तिरुपति बाला जी ट्रस्ट की ओर से मदद आ गई है. मंदिर तो सब कर ही रहे हैं. ये लोग कम से कम इस समय वोट की राजनीति ना करें.'

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कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महाराष्ट्र में मजदूरों को सड़क पर लाने का काम कांग्रेस और सीपीएम से जुड़े लोगों ने किया है. सड़क पर इसकी जिम्मेदार ये दोनों पार्टियां है. उन्होंने ममता बनर्जी पर भी पलटवार किया. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'बंगाल में एमएसएमई की इंडस्ट्री है कि नहीं? ममताजी थोड़ा सा भी दिमाग चलाएंगी तो उन्हें पता चलेगा कि केंद्र सरकार द्वारा दिया गया पैकेज किसी सरकार के लिए नहीं था. यह पैकेज छोटे और लघु उद्योगों के लिए है. बंगाल की सारी एमएसएमई को इसका लाभ मिलेगा. हां, ममता जी की जेब में यह रुपया नहीं जाएगा. इसलिए उन्हें तकलीफ है.'

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