पेटलावद विस्फोट मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने दबाई सच्चाई : कमलनाथ

पेटलावद में तीन साल पहले हुए विस्फोट में 89 लोगों की मौत हो गई थी और 100 लोग घायल हो गए थे.

पेटलावद विस्फोट मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने दबाई सच्चाई : कमलनाथ
कमलनाथ ने बुधवार को पेटलावद कस्बे में विस्फोट की तीसरी बरसी पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी. (फाइल फोटो)

झाबुआ: कांग्रेस ने जिले में पेटलावद कस्बे में हुए विस्फोट की तीसरी बरसी पर मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा घटना की सच्चाई को दबाया गया है. पेटलावद में तीन साल पहले हुए विस्फोट में 89 लोगों की मौत हो गई थी और 100 लोग घायल हो गए थे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने बुधवार को जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर पेटलावद कस्बे में विस्फोट की तीसरी बरसी पर मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘प्रदेश सरकार ने पेटलावद ब्लास्ट घटना की सच्चाई को दबाया है. पूरे प्रदेश में जगह-जगह सच्चाई को दबाया जाता है.’’ उन्होंने कहा पेटलावद विस्फोट में लोग मारे नहीं गए हैं, शहीद हुए हैं.

घटना की रिपोर्ट का अबतक नहीं किया खुलासा- कांग्रेस
इस मौके पर मध्यप्रदेश विधानसभा के उपनेता बाला बच्चन ने कहा कि पेटलावद विस्फोट की घटना का मुद्दा हमने विधानसभा में उठाया था. तत्कालीन गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा था कि घटना की रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन आज तक इसका खुलासा नहीं किया गया. इस मामले में सरकार और मुख्यमंत्री की नियत साफ नहीं है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इसी पेटलावद में रोड पर आकर बैठे थे और सब बात जनता के बीच कही थी. मुआवजे से लेकर रोजगार तक, लेकिन आज तीन साल हो गए. उन्होने मुख्यमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा की झूठ बोलना उनकी प्रथम शैली है.

सरकार ने नहीं की कोई भी घोषणा या वादे पूरे- कांतिलाल भूरिया
रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र से सांसद कांतिलाल भूरिया ने पेटलावद विस्फोट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस घटना के बाद सरकार ने जो घोषणा और वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए है तथा मृतकों के परिजनों को नौकरी और मुआवजा नहीं मिला है. मालूम हो कि झाबुआ जिले के पेटलावद में व्यस्त इलाके में स्थित एक कारोबारी के ठिकाने पर विस्फोटक पदार्थ के भंडार में 12 सितंबर 2015, की सुबह विस्फोट होने से 89 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

(इनपुट भाषा से)