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इस राज्य में सरकारी नौकरी में भर्ती की आयु सीमा पर आज आ सकता है बड़ा फैसला!

सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने पर आज कमलनाथ सरकार फैसला ले सकती है. वर्तमान में मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 35 वर्ष किया जा सकता है.

इस राज्य में सरकारी नौकरी में भर्ती की आयु सीमा पर आज आ सकता है बड़ा फैसला!
फोटो साभारः twitter/@OfficeOfKamalNath

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें सरकार कई अहम प्रत्सावों पर विचार करेगी. जिनमें जल संकट से निजात पाने से लेकर राज्य की लोकसेवा में अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा पर भी फैसला ले सकती है. सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने पर आज कमलनाथ सरकार फैसला ले सकती है. वर्तमान में मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 35 वर्ष किया जा सकता है.

मध्य प्रदेश के मूल निवासियों  को आयु सीमा में दी जाने वाली छूट जारी रहेगी, इसके साथ ही 35 साल आयु तक के अन्य राज्यों के युवा अब मध्यप्रदेश लोकसेवा में नौकरी पा सकेंगे. वर्तमान में यह सीमा 28 साल है. मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए लोकसेवा परीक्षा में आयु सीमा 42 साल तक है. राज्य सरकार लोकसेवा में अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा निर्धारण के संबंध में संशोधन करने जा रही है.

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सरकार ने पहले बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 28 साल निर्धारित कर दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. अब कोर्ट से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संशोधन किया जाना है. आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव लाना प्रस्तावित है. कमलनाथ कैबिनेट की बैठक आज शाम 6 बजे मंत्रालय में मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में होगी. इसके साथ ही कैबिनेट में निवाड़ी जिले की ट्रेजरी में नए पद एवं लोकसेवा प्रबंधक के नए पद के निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा होगी. छिंदवाड़ा जेल की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी.

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एक अन्य प्रस्ताव में आरबीसी 6(4) में भी संशोधन प्रस्तावित है. इसके अलावा प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती, पेयजल व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर भी चर्चा होगी. भाजपा बिजली कटौती को लेकर सरकार पर हमलावर है. इसे लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दिनों बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी, लेकिन फिर भी कटौती की स्थिति में सुधार नहीं आया है.