कमलनाथ सरकार ने शुरू की थी गौ सेवा के लिए दान की योजना, 6 महीने में मिले केवल 8092 रुपये

कमलनाथ सरकार ने सड़कों पर घूम रही लावारिश गाय के रहने के लिए अच्छी सुविधा देने के लिए कर्म के साथ धर्म को जोड़ते हुए दान की व्यवस्था शुरू की थी. 

कमलनाथ सरकार ने शुरू की थी गौ सेवा के लिए दान की योजना, 6 महीने में मिले केवल 8092 रुपये
गौ सेवा के लिए दान देने की योजना पर दान नहीं मिलने पर बीजेपी ने कमलनाथ सरकार को घेरा है.

विवेक पटैया/भोपाल: मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही गौशाला खोलने का वचन अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा था. सरकार ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया था. प्रदेश के अंदर आवारा गौवंश और दुधारू गौवंश के प्रति समर्पण भाव जगाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने गौसेवा दान योजना की शुरुआत की थी. वहीं, एक लंबा समय बीतने के बाद भी ये योजना उतनी प्रभावी नजर नहीं आ रही है, जितनी होनी चाहिए थी. 

दरअसल, प्रदेश में कमलनाथ सरकार एक हजार से अधिक गौशाला बना रही है. कमलनाथ सरकार ने लोगों को घर बैठे गौ सेवा करने का मौका दिया. गौ सेवा के लिए लोगों से घर बैठे दान करने के लिए योजना बनाई. गौ सेवा के लिए लोगों से दान मांगा लेकिन, दानदाता आगे नहीं आए. इस योजना में पिछले छह महीने में सिर्फ 8092 रुपये का दान मिला है. जिसमें 1205 रुपये गुप्तदान है और 6887 रुपये का दान अन्य दानदाताओं की ओर से दिया गया है. 

कमलनाथ सरकार ने सड़कों पर घूम रही लावारिश गाय के रहने के लिए अच्छी सुविधा देने के लिए कर्म के साथ धर्म को जोड़ते हुए दान की व्यवस्था शुरू की थी. इस योजना को शुरू करने के पहले राज्य सरकार का उद्देश्य था कि लोग गौ सेवा तो करना चाहते हैं लेकिन, व्यस्तताओं के चलते वे चाहते हुए भी ऐसा नहीं कर पाते. घरों में इतना स्थान नहीं है कि लोग गायों को पाल सकें. इसलिए लोग गौशाला के लिए दान देकर या फिर गायों के चारा और अन्य जरूरतों पर होने वाले खर्च उठाकर उन्हें गोद ले सकते हैं. कमलनाथ सरकार ने बाकायदा इसके लिए ऑनलाइन दान की व्यवस्था शुरू की थी.

गौ संवर्धन गौपालन बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर बाकायदा प्रोफार्मा दिया गया है. जिसपर लोग ऑनलाइन दान कर सकते है. इस फार्म में गुप्त दान का भी ऑप्शन है. दान दाताओं की सूची भी इस वेबसाइट पर देखी जा सकती है. इस योजना में तीन लाख रुपये देकर कोई भी व्यक्ति गाय को 10 साल के लिए गोद ले सकता है. यदि कोई कम समय के लिए गाय को गोद लेना चाहता है तो, इसकी भी व्यवस्था है. इसमें 15 दिन के लिए 1100 रुपये और एक साल के लिए 21 हजार रुपये निर्धारित है. इस राशि से गाय के चारा  की व्यवस्था की जाएगी. गौशाला में बोरबेल, शेड या अन्य निर्माण कार्य के लिए भी दानदाता राशि दान कर सकते हैं.

वहीं, गौ सेवा के लिए दान देने की योजना पर दान नहीं मिलने पर बीजेपी ने कमलनाथ सरकार को घेरा है. पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता विश्वास सारंग ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दान देने की मानसिकता दानवीर की यह रहती है कि दान की राशि का सदुपयोग होगा. लेकिन, राज्य  सरकार ने विश्वसनीयता खत्म कर दी है. जनता को लगता है, दान दिया तो, पैसा दान में नही लगेगा. बल्कि, कांग्रेस नेताओं के जेब में जाएगा. उनके ऐशोआराम में खर्च होगा. इसलिए सरकार को कोई दान नही दे रहा है. उन्होंने कहा कि शर्म की बात है कि जनता सरकार को ही दान नही दे रही है. सरकार की साख खराब हो रही है.

राज्य सरकार के अध्यात्म विभाग के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि देश में गौमाता, भारत माता, जन्म देने वाली माता को लोग मानते हैं. जो कमल की सरकार ने नही किया, वो कमलनाथ की सरकार ने कर दिया गौशाला बनाकर. उन्होंने कहा कि दान तो इसलिए है कि गौ प्रेमी, धर्म प्रेमी दान देना चाहे तो, दें नही तो सरकार तो गौशाला के लिए सब कुछ कर ही रही है.

पशुपालन विभाग के मंत्री लाखन सिंह यादव ने इस मामले पर कहा कि गौ सेवा के लिए दान के लिए मध्य प्रदेश स्तर पर हमने पहल की थी. लेकि,न प्रचार-प्रसार में रही कमी के चलते गौ सेवा के लिए दान देने में इतने दिनों में लोगों की रुचि देखने में कम आई है. उन्होंने कहा कि कई लोग दान भी कर रहे हैं. जैसे-जैसे इसका प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर होगा तो, मुझे लगता है मध्यप्रदेश में ऐसे बहुत सारे दानदाता हैं, जो गौ माता के नाम पर श्रद्धा के तौर पर इस योजना से जुड़ेंगे. इसके लिए आने वाले दिनों में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.