अब मध्यप्रदेश में इलाज हो सकता है महंगा, कमलनाथ सरकार ने की न्यूनतम शुल्क बढ़ाने की तैयारी

आयुष्मान कार्ड धारकों को रियातयत मिलती रहेगी. यानि जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होगा, उनसे बढ़ा हुआ न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा.

अब मध्यप्रदेश में इलाज हो सकता है महंगा, कमलनाथ सरकार ने की न्यूनतम शुल्क बढ़ाने की तैयारी
बताया जा रहा है कि इलाज की दरें आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले पैकेज की निर्धारित दर से 60 फीसदी तक ज्यादा हो सकती हैं

भोपाल: मध्य प्रदेश वासियों के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज आने वाले दिनों में महंगा होने जा रहा है. दरअसल, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इलाज के न्यूनतम शुल्क को बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. जिसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रस्तावित शुल्क तय करने के आदेश जारी कर दिए हैं. प्रस्तावित शुल्क को प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कॉलेजों के डीन तय करेंगे. प्रस्तावित शुल्क को एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी के बाद सरकार को भेजा जाएगा. जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

हालांकि, आयुष्मान कार्ड धारकों को रियातयत मिलती रहेगी. यानि जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होगा, उन्हें बढ़ा हुआ न्यूनतम शुल्क देना होगा. आदेश के तहत निशुल्क इलाज, जांच पर शुल्क तय करने के साथ-साथ उन दरों में बढ़ोतरी करने को कहा गया है, जिन पर अब तक नाम मात्र का पैसा लिया जाता था. इसमें ओपीडी भी शामिल है.

बताया जा रहा है कि इलाज की दरें आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले पैकेज की निर्धारित दर से 60 फीसदी तक ज्यादा हो सकती हैं. जानकारी के मुताबिक ओपीडी चार्ज 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये, गेट पास 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये, आईसीयू चार्ज 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये और मेजर सर्जरी चार्ज 700 रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपये किया जा सकता है. वहीं महिला एवं शिशु उपचार, जननी सुरक्षा, पेंशनर्स की स्वास्थ्य योजनाएं, जिन्हें सरकार ने मुफ्त की श्रेणी में रखा है, वो आगे भी मुफ्त ही रहेंगी. साथ ही कैंसर की दवाइयां और जांचें भी निशुल्क रहेंगी.

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