कमलनाथ सरकार का हुआ संत समागम, धर्म के नाम पर हुए घोटालों की होगी जांच

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बड़ा संत समागम हुआ है. हज़ारों संतों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को संत समागम के मौके पर आश्रमों को पट्टा,मुफ्त बिजली,संतों को पेंशन जैसी मांगों को लेकर अपना मांग पत्र सौंपा है. 

कमलनाथ सरकार का हुआ संत समागम, धर्म के नाम पर हुए घोटालों की होगी जांच

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बड़ा संत समागम हुआ है. हज़ारों संतों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को संत समागम के मौके पर आश्रमों को पट्टा,मुफ्त बिजली,संतों को पेंशन जैसी मांगों को लेकर अपना मांग पत्र सौंपा है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संत समागम में हज़ारों संतों के साथ ही कम्प्यूटर बाबा,मठ मंदिर न्यास के अध्यक्ष सुबोधानंद की मौजूदगी में बीजेपी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे संत समागम में आने का मौका मिला. लेकिन मेरे संतों के बीच में आने से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा होगा.

क्योंकि उनको लगता है कि उन्होंने धर्म का ठेका ले लिया है. छिंदवाड़ा में 101 फीट की हनुमान प्रतिमा स्थापित करने पर कमलनाथ ने कहा कि जब मैंने छिंदवाड़ा में हनुमानजी का मंदिर बनवाया तो इसके पेट मे दर्द हुआ, कई सवाल खड़े किए थे.

कमलनाथ ने लोकसभा में 35 साल पुराने अपने वक्तव्य का हवाला देते हुए बताया कि मैंने तो 35 साल पहले लोकसभा में कहा था- कि हमने इतने मंत्रालय बना दिया लेकिन आध्यात्मिक मंत्रालय नहीं बनाया जो सबसे जरूरी था. कमलनाथ ने दावा किया कि प्रदेश में धर्म के नाम पर हुए घोटालों की जांच की जायगी.

वहीं संतों की आश्रमों,कुटिया के लिए पट्टों की मांग पर सीएम कमलनाथ ने कहा हम तो उद्योगपतियो,व्यापारियों को पट्टा दे देते है...क्या साधु संतों को पट्टा नहीं दे सकते हैं...अपना वक्तव्य खत्म करते हुए कमलनाथ ने संतों से कहा कि आप लोगों के बीच आकर आज मेरा खून 250 ग्राम बढ़ गया है...

धर्म के नाम पर हुए घोटालों की जाँच होगी 
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि धर्म के नाम पर पूर्व में जो घोटाले किए गए है सरकार उनकी जाँच करेगी. कमलनाथ ने नर्मदा के किनारे वृक्षारोपन और सिंहस्थ घोंटले की जांच की बात कही. उन्होंने कहा कि धर्म के प्रति अगर आस्था है तो कोई घोटाले कैसे कर सकता है. हमें यह समझना होगा कि हमारी नियत और भावना से चरित्र का निर्माण होता है.

जो व्यक्ति धर्म की आड़ में घोटाले करे वह कभी भी आस्थावान नहीं हो सकता न ही वह अपने धर्म का सम्मान करता है. अध्यात्म मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने पहले दिन से धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिए है. उन्होंने मठ मंदिर सलाहकार समिति का गठन किया, नर्मदा ट्रस्ट बनाया और ताप्ति ट्रस्ट का भी गठन करने जा रहे है.

संत पुजारियों का मानदेय तीन गुना बढ़ाया गया है. महाकाल मंदिर परिसर का तीन सौ करोड़ की लागत से विकास किया जा रहा है. एक हजार शासकीय गौ-शालाएँ बनाई जा रही है... नर्मदा माँ परिक्रमा मार्ग पर नौ धर्म शालाओं का 26 लाख रुपए की लागत से निर्माण किया जाएगा साथ ही नर्मदा माँ परिक्रमा मार्ग को सुगम बनाया जाएगा...

राम पथ वनगमन निर्माण की योजना बनाई गई है. प्रदेश के बड़े मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ 45 लाख 9 हजार रुपए दिए गए हैं. वहीं धार्मिक महत्व के मेलों के आयोजन के लिए 1 करोड़ 34 लाख 70 हजार रुपए मेला अयोजन समितियों को दिए गए हैं. इसके अलावा भिलसा वाली माता ग्वालियर, सूर्य नारायण एवं बड़े हनुमान मंदिर जबलपुर, कुण्डेश्वर हनुमान मंदिर उज्जैन, नर्मदा उदगम मंदिर अमरकंटक, बाण गंगा मंदिर शिवपुरी एवं दतिया के मंदिर समूह के निर्माण मरम्त एवं रखरखाव की योजना बनाई गई है...

.नर्मदा ट्रस्ट के अध्यक्ष संत कम्प्यूटर बाबा ने मुख्यमंत्री कमल नाथ के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने प्रदेश में अध्यात्म विभाग बनाने के साथ ही धार्मिक स्थलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए.... उन्होंने साधु संत  समाज की ओर से माँग पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इसे पूरा करेंगे...उन्हें विश्वास है कि ₹ कमल नाथ जी जो कहते है उसे वह पूरा करते है..

मठ मंदिर सलाहकार समिति के अध्यक्ष स्वामी सुबोधानंद महाराज ने कहा कि पिछले 15 साल में इस तरह का कोई सम्मेलन नहीं हुआ.... पिछले नौ माह में ही नई सरकार ने पहली बार साधु संतों का सम्मेलन बुलाकर  सराहनीय पहल की है. इसके लिए मुख्यमंत्री  कमल नाथ बधाई के पात्र हैं.... उन्होंने कहा कि नर्मदा को संरक्षित करने में नई सरकार ने जो कदम उठाए है वह स्वागत योग्य है. उन्होंने सभी संतों से आग्रह किया कि वह पर्यवरण संरक्षण के लिए व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण करें.