ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच पर बोले CM कमलनाथ- हम सच्चाई सामने ला रहे हैं तो हंगामा क्यों हो रहा है?

साध्वी प्रज्ञा को भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि 'बीजेपी को भोपाल में कोई कैंडिडेट नहीं मिला तो साध्वी प्रज्ञा को मैदान में उतार दिया. अब जनता तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत.' 

ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच पर बोले CM कमलनाथ- हम सच्चाई सामने ला रहे हैं तो हंगामा क्यों हो रहा है?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)

भोपालः मध्य प्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटाले को लेकर दर्ज हुई प्राथमिकी और उसके बाद हुई गिरफ्तारियों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की पूर्व शिवराज सरकार पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि ''ई-टेंडरिंग घोटाले मामले में शिवराज सरकार ने जांच के आदेश दिए थे. अब हम सच्चाई सामने ला रहे हैं तो हंगामा क्यों हो रहा है.'' उन्होंने आगे कहा कि 'मेरी सरकार गिराना भारतीय जनता पार्टी का एक सपना है. मुझे अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है. मेरे विधायक मेरे साथ हैं और आगे भी रहेंगे.'

वहीं साध्वी प्रज्ञा को भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि 'बीजेपी को भोपाल में कोई कैंडिडेट नहीं मिला तो साध्वी प्रज्ञा को मैदान में उतार दिया. अब जनता तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत.' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एजेंडा लोगों का ध्यान भटकाने का है. मोदी जी जनता को बताएं कि उन्होंने जनता से किए कितने वादे पूरे किए ? किसके अच्छे दिन आए.' वहीं लोकसभा चुनावों पर बात करते हुए उन्होंने भरोसा जताया है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस 22 लोकसभा सीटों से ज्यादा पर जीत दर्ज कराएगी.

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बता दें ई-टेंडरिंग घोटाले मामले में अब तक ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन कंपनी के तीन अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं. तीनों से EOW की टीम पूछताछ कर रही है. EOW की टीम तीनों अधिकारियों से ई-टेंडरिंग मामले में छोड़छाड़ संबंधी मामले पूछताछ कर रही है. बता दें ई-टेंडरिंग घोटाले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. जहां 2014 से अभी तक करीब 3.5 लाख ऑनलाइन टेंडरों की होगी जांच. क्योंकि EOW को 2014 से 2017 के बीच हुए टेंडरों में घोटाले की आशंका है.

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इससे पहले सीपीएम ने मंगलवार को जारी बयान में कहा था कि 'शिवराज सरकार के घोटालों पर कांग्रेस सरकार की चुप्पी और सुस्ती कहीं न कहीं संदेह के घेरे में आती हैं. पार्टी का इस तरह से इतने गंभीर मामले पर सुस्ती से काम करना बेहद संदेहास्पद है. कमलनाथ सरकार को जनादेश का पालन करते हुए मामले की जांच करना चाहिए और इस मामले से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियों के साथ-साथ उनसे पूछताछ भी होनी चाहिए.'